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मन की बात: 'आलोचना लोकतंत्र के लिए जरूरी, हमारी सरकार जवाबदेह'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2017, 11:53 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया. संबोधन की शुरुआत पीएम मोदी ने रमजान के पवित्र माह से की और मुस्लिम समुदाय को रमजान के पवित्र माह की शुभकामनाएं दी और आने वाले 5 जून को पर्यावरण दिवस पर विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी दी.

पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद आज 32वीं बार 'मन की बात' कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित किया और सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद पहली बार मन की बात कर रहे हैं. पीएम मोदी के 'मन की बात' की खास बातें: 

1. हम सवा-सौ करोड़ देशवासी इस बात का गर्व कर सकते हैं कि दुनिया के सभी सम्प्रदाय भारत में मौजूद हैं.  हर प्रकार की विचारधारा, हर प्रकार की पूजा पद्धति, हर प्रकार की परंपरा, हम लोगों ने एक साथ जीने की कला आत्मसात की है. मैं बहुत खुश हूं कि हमारी युवा पीढ़ी देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्रामों के बारे में जानने की रुचि ले रही है.

2. आज वीर सवारकर जी की जन्मजयंती है. मैं देश के युवा पीढ़ी को कहूंगा कि कभी मौका मिले तो हमारी आजादी की जंग के तीर्थ क्षेत्र सेल्युलर जेल ज़रूर जाएं. 

3. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. प्रकृति के साथ जुड़ने का वैश्विक अभियान, हमारा स्वयं का भी अभियान बनना चाहिए. वेदों में पृथ्वी और पर्यावरण को शक्ति का मूल माना गया है. हमारे यहां कहा गया है- माता भूमिः पुत्रो अहम् पृथिव्याः अर्थात् जो शुद्धता है, वह हमारी पृथ्वी के कारण है. 

4. तनावमुक्त जीवन के लिए योग करना चाहिए. योग सिर्फ व्यायाम नहीं. स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती दोनों की गारंटी, तन, मन, शरीर, विचार और आचार से स्वस्थता की अंतर्यात्रा का अनुभव योग के माध्यम से संभव है. कुछ लोगों का सुझाव आया कि इस बार एक ही परिवार की तीनों पीढ़ियां एक साथ योग करें और उसकी तस्वीर शेयर करें. मैं इस सुझाव के लिए धन्यवाद करता हूं. आप नरेंद्र मोदी ऐप और MyGov ऐप पर इन फोटो को शेयर कर सकते हैं. मैं 1 जून से ट्विटर पर योग से संबंधित बातें और ये तस्वीरें शेयर की जाएंगी.

5. विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश के 4 हजार नगरों में सॉलिड व लिक्विड वेस्ट को कलेक्ट करने के लिए हरे व नीले रंग के कूड़ेदान उपलब्ध होंगे. सूखा कचरा नीले कूड़ेदान और गीला कचरा हरे कूड़ेदान में डालें. ये जो कूड़ा-कचरा है, इसको हम वेस्ट न मानें. एक बार इस कूड़े-कचरे को हम वेल्थ मानना शुरू करेंगें तो वेस्ट मैनेजनेंट के कई नए-नए तरीके हमारे सामने आएंगे.

6. पीएम ने कहा कि अखबार हो या टीवी चैनल हो, सरकार के 3 साल के कामकाज का लेखा-जोखा दिखाया जा रहा है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों को जनता को अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए. पीएम ने कहा कि मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने कमियों को उजागर किया. मन की बात की किताब पर बहुत अच्छी प्रतिक्रियाएं आई हैं. लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए और ये सरकार जवाबदेह है.

अगली बार के संबोधन तक मौसम बदल चुका होगा. तबतक अपना ख्याल रखें, स्वस्थ रहें. धन्यवाद. 

First published: 28 May 2017, 11:53 IST
 
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