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मन की बात: 'आस्‍था के नाम पर किसी तरह की हिंसा बर्दाश्‍त नहीं, दोषियों को मिलेगी सज़ा'

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2017, 11:36 IST

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रविवार को कहा कि संप्रदाय, धर्म या व्‍यक्ति के नाम पर आस्‍था के आधार पर हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती.

कानून हाथ में लेने का इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. हर व्‍यक्ति को कानून का पालन करना होगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए यह बात कही.

ऐसे में धर्म या किसी व्‍यक्ति के नाम पर हिंसा को कतई बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश अहिंसा परमो धर्म: को मानने वाला देश है. यह महात्‍मा गांधी और सरदार पटेल का देश है. बाबा साहेब को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके बनाए संविधान के अनुसार ही देश चल सकता है. ऐसे में कोई भी कानून से ऊपर नहीं हो सकता. यह प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 35वां एपिसोड है.

ओणम उत्‍सव की देशवासियों को बधाई
पीएम नरेंद्र मोदी ने गणपति उत्‍सव और केरल में आने वाले ओणम उत्‍सव की देशवासियों को बधाई दी. हालांकि ये भी कहा कि त्‍योहारों के इस मौसम में हिंसा के हालात चिंता की बात हैं. इसके साथ ही जोड़ा कि त्‍योहारों के लिहाज से पर्यावरण पर ध्‍यान देना जरूरी है. उसी संदर्भ में कहा कि लोग ईको-फ्रेंडली गणपति उत्‍सव मना रहे हैं. ऐसे में स्‍वच्‍छता अभियान को इन त्‍योहारों को जोड़ना चाहिए. उन्‍होंने गणपति उत्‍सव को पर्यावरण और स्‍वच्‍छता अभियान से जोड़े जाने के प्रयासों की सराहना की.

बाढ़ की बात
पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात और बिहार में बाढ़ और उसके बाद उपजे हालात चिंता की बात है. हालांकि इसके बाद सफाई का अभियान चलाया जा रहा है. उन्‍होंने गुजरात में जमायत-उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने में उत्‍तम काम किया है.

दो अक्‍टूबर के लिहाज से पीएम मोदी ने कहा कि स्‍वच्‍छता ही सेवा है. हमको स्‍वच्‍छता अभियान को एक आंदोलन के रूप में लेना चाहिए और स्‍वच्‍छता ही सेवा के मंत्र के साथ इस मुद्दे पर ध्‍यान केंद्रित करना चाहिए. ऐसे में स्‍वच्‍छता अभियान से संबंधित प्रतियोगिताओं के माध्‍यम से युवाओं को इससे ज्‍यादा से ज्‍यादा जोड़ा जाना चाहिए. 

First published: 27 August 2017, 11:31 IST
 
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