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मन की बात: पीएम मोदी ने वाजेपयी की कविता पढ़कर इमरजेंसी के वक्त को किया याद

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2017, 13:28 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 'मन की बात' के कार्यक्रम से देश को संबोधित किया. ये 'मन की बात' कार्यक्रम का 33वां संस्करण था. पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम से देश को संबोधित करते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि मौसम बदल रहा है. इस बार गर्मी भी बहुत रही, लेकिन अच्छा हुआ कि वर्षा ऋतु समय पर अपने नक्शे कदम पर आगे बढ़ रही है. जीवन में कितनी ही आपाधापी हो, तनाव हो, व्यक्तिगत जीवन हो, सार्वजनिक जीवन हो, बारिश का आगमन मनःस्थिति को बदल देता है.

आज भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकल रही है, देश के कई भागों में बहुत ही श्रद्धा और उल्लासपूर्वक देशवासी मनाते हैं. भारत की विविधता इसकी विशेषता भी है और ये भारत की शक्ति भी है. रमजान का पवित्र महीना सब दूर इबादत में पवित्र भाव के साथ मनाया. अब ईद का त्योहार है ईद उल फित्र के अवसर पर मेरी तरफ से सबको शुभकामनाएं. रमजान खुशिया बांटने का महीना है. हम इन पवित्र अवसरों से खुशियां बांटते चलें.

इमरजेंसी के दौरान अखबारों को बेकार कर दिया गया. 25 जून, 1975 की रात भारतीय लोकतंत्र के लिए काली रात थी. इमरजेंसी के दौरान अटलजी जेल में थे. उस रात को कोई भारतवासी, कोई लोकतंत्र प्रेमी भुला नहीं सकता. एक प्रकार से देश को जेलखाने में बदल दिया गया था. विरोधी स्वर को दबोच दिया गया था. जयप्रकाश नारायण सहित देश के गणमान्य नेताओं को जेलों में बंद कर दिया था. न्याय व्यवस्था भी आपातकाल के उस भयावह रूप की छाया से बच नहीं पाई थी. पीएम मोदी ने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता भी पढ़ी, जो उन्होंने उस दौर में लिखी थी.

पीएम मोदी ने खुले में शौच मुक्त होने वाले राज्यों को बधाई दी. कहा- 'हम जानते हैं कि देश में सिक्किम हिमाचल और केरल खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं.' इस उदाहरण के जरिए पीएम मोदी ने देश के दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों से भी खुले में शौच खत्म करने की अपील की. पीएम ने कहा, 'हम भली भांति जानते हैं कि व्यक्ति के जीवन में समाज में अच्छा करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. हैंडराइटिंग भी ठीक करनी हो तो लंबा अभ्यास करना होता है. खुले में शौच भी ऐसी ही आदत है, जो धीरे-धीरे जाएगी. पीएम ने कहा कि स्वच्छता सरकार का कार्यक्रम नहीं है यह जनअभियान बनता जा रहा है. पिछले दिनों एक बहुत ही उत्तम घटना सामने आई. यह घटना है आंध्र प्रदेश के विजयनगरम की. "वहां के प्रशासन ने जनभागीदारी से बड़ा काम हाथ में लिया. 10 से 14 मार्च तक 100 घंटे में 71 ग्राम पंचायतों में घरेलू शौचालय ने. जनता जनार्दन और प्रशासन ने यह काम सफलतापूर्वक कर दिया."

वाजपेयी की कविता से इमरजेंसी को किया याद

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इमरजेंसी के दिनों को दर्शाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal bihari vajpayee) की कविता को पढ़ा. कविता कुछ इस प्रकार है-:

झुलासाता जेठ मास,
शरद चांदनी उदास.
सिसकी भरते सावन का.
अंतर्घट रीत गया.
एक बरस बीत गया.

सींखचों में सिमटा जग,
किंतु विकल प्राण विहग.
धरती से अम्बर तक,
गूंज मुक्ति गीत गया.
एक बरस बीत गया.

पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.

First published: 25 June 2017, 13:28 IST
 
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