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मंत्रिपरिषद विस्तार: हटाए गए मंत्री मनसुखभाई ने लगाया साजिश का आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2016, 15:51 IST
(फाइल फोटो)

मंगलवार को मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार और फेरबदल के बाद सरकार से बाहर किए गए पूर्व केंद्रीय आदिवासी कल्याण राज्यमंत्री मनसुखभाई वासवा ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं.

गुजरात के भरूच से बीजेपी के सांसद वासवा ने आरोप लगाया है कि उन्हें मोदी सरकार से गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल, गुजरात मंत्रिमंडल के सदस्य सौरभ पटेल और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अपने सीनियर मंत्री जोएल ओरांव के कहने पर बाहर किया गया है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इन सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री मोदी से उनके खिलाफ शिकायत की थी. मनसुखभाई का कहना है कि जिस तरह से उन्हें मंत्री पद से हटाया गया है, उससे अब कोई भी डरकर सच बोलने की हिम्मत नहीं करेगा.

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी मामलों और खास तौर पर गुजरात के बारे में अपने विचारों को सामने रखने की वजह से मोदी की मंत्रिपरिषद से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

मंत्रालय में आदिवासियों की मांगों को उठाने के कारण गुजरात की मुख्यमंत्री, सौरभ भाई और ओरांव ने पीएम से उनकी शिकायत की थी.

गौरतलब है कि मनसुख भाई वासवा मोदी सरकार के उन पांच पूर्व मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें मंगलवार को कैबिनेट फेरबदल में बाहर कर दिया गया था.

वासवा ने कहा कि गुजरात में हर साल आदिवासी महोत्सव मनाया जाता रहा है, लेकिन इस साल राज्य सरकार ने महोत्सव नहीं मनाया.

इसके साथ ही मनसुखभाई ने यह भी कहा कि गुजरात और केंद्र में उनकी पार्टी का शासन होने के बाद आदिवासी अधिकार पत्र को लागू करने की मांग उठाई थी, लेकिन इसे नहीं माना गया.

अखबार के मुताबिक वासवा ने मंत्रालय के मामलों में अपनी शिकायतों को लेकर इस साल फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भी लिखा था.

हटाए गए मंत्री वासवा के मुताबिक पीएमओ की तरफ से उन्हें यह आश्वासन भी दिया गया था कि उनकी शिकायतों पर विचार किया जाएगा, लेकिन विचार के बदले उन्हें ही मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया.

First published: 6 July 2016, 15:51 IST
 
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