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माओवादी विचारक कोबाड गांधी आतंकवाद के आरोपों से मुक्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(फाइल फोटो)

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को माओवादी विचारक कोबाड गांधी को आतंकवाद से जुड़े आरोपों से मुक्त कर दिया है. हालांकि, गांधी को धोखाधड़ी और जालसाजी का दोषी पाया गया है. गांधी को आईपीसी के तहत जो सजा सुनाई गई है, उतनी अवधि वो पहले ही जेल में काट चुके हैं.

गांधी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा क्योंकि उन पर 14 माामले अब भी लंबित हैं. दिल्ली पुलिस ने 65 वर्षीय गांधी को 30 सितंबर 2009 को गिरफ्तार किया था. एडिशनल सेशंस जज रीतेश सिंह ने कोबाड गांधी को गैरकानूनी गतिवधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धाराओं के तहत दोषमुक्त करार दिया.

अदालत ने उनके सहयोगी राजेंदर कुमार को भी आतंकवाद के आरोपों से मुक्त किया, लेकिन उन्हें भी धोखाधड़ी के आरोप में दोषी पाया. राजेंदर कुमार को 2010 में गिरफ्तार किया गया था.

दिल्ली पुलिस के अनुसार गांधी प्रतिबंधित संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सदस्य हैं. जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से उन्हें गिरफ्तार किया था तो उस समय गांधी पार्टी के केंद्रीय समिति के सदस्य भी थे.

पुलिस के मुताबिक, गांधी माओवादी के नेटवर्क की दिल्ली में स्थापना करने में शामिल थे. उन्हें दिल्ली में जब गिरफ्तार किया गया था, उस वक्त वे कैंसर का इलाज करा रहे थे.

पुलिस का दावा है कि वे माओवादी की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए दिल्ली में रह रहे थे और इस काम में उनके सहयोगी राजेंद्र कुमार ने सहायता कर रहे थे.

गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं. पिछले साल सितंबर महीने में उन्हें मेडिकल आधार पर तीन महीने अंतरिम जमानत मिली थी.

First published: 10 June 2016, 5:53 IST
 
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