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Pulwama attack: हमले में मारे गए जवान नहीं कहलाएंगे शहीद, जानें क्या है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 February 2019, 11:44 IST

जम्मू कश्मीर में हुए आतंकियों की कायराना हरकत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल फैला हुआ है. गुरुवार को हुए पुलवामा आतंकी हमले में 4० से ज्यादा जवान शहीद हो गए. वहीं, कई जवानों के घायल होने की खबर है. इस हमले में एक ओर जहां पूरे देश में मारे गए जवानों के प्रति शोक जताया जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर बताया जा रहा है कि पुलवामा में जिन जवानों को हम शहीद कह रहे हैं, असल में उन्हें हम शहीद नहीं कह सकते. जी, हां ये बात हैरान करने वाली है लेकिन ये सच है.

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दरअसल, पैरामिलिट्री में शामिल हुए सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी का कोई भी जवान अगर ड्यूटी के दौरान मारा जाता है, तो उसे सरकार की ओर से शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता. वहीं, इंंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के जवान अगर ड्यूटी के दौरान मारे जाते हैं तो उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाता है. इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की सेना रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है तो वहीं पैरामिलिट्री फोर्सेज गृह मंत्रालय के तहत काम करते हैं.

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बता दें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस हमले को अंजाम दिया है. जानकारी अनुसार, आतंकी आदिल पुलवामा जिले के काकपोरा का ही रहने वाला है. आदिल पिछले साल फरवरी में मोस्ट वांटेड आतंकी जाकिर मूसा के गजवत उल हिंद में शामिल हुआ था और कुछ ही महीने पहले ही वह जैश में शामिल हुआ था.

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First published: 15 February 2019, 9:47 IST
 
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