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एक बार फिर चीन बना भारत के लिए रोड़ा, मसूद को घोषित नहीं होने दिया वैश्विक आतंकी

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2019, 8:13 IST

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और आतंक के आका मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में एक बार फिर चीन ने अड़ंगा डाल दिया. चौथी बार चीन ने अजहर मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव में वीटो लगा दिया.

अब पुलवामा हमले का मुख्य आरोपी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित होने का प्रस्ताव रद्द हो गया. भारत चीन की इस हरकत से काफी निराश है. इस बारे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, "जब तक आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान कार्रवाई नहीं करता है, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी."

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, चीन ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषज में ये दलीलें दी कि अजहर मसूद का जैश संगठन से कोई वास्ता नहीं है. चीन का कहना है कि अब तक मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

खबरों के मुताबिक, मसूद के खिलाफ भारत ने UN में सबूत के तौर पर जो टेप्स दिए हैं, वो जैश-ए-मोहम्मद और मसूद के बीच लिंक होने की बात को साबित करते हैं. चीन द्वारा इस प्रस्ताव में रोड़ा बनने पर एक बार फिर ये रद्द हो गया. बता दें कि चीन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है. इसलिए इसका वीटो पावर काफी महत्व रखता है.

अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित करने का प्रस्ताव अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा लाया गया था. जिसे चीन के अड़ंगा डालने पर रद्द कर दिया गया. वहीं, बताए जा रहे हैं कि भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के दस्तावेज अमेरिका, फ्रांस के साथ शेयर किए हैं. इससे जैश सरगना मसूद के खिलाफ़ पुख्ता सबूत इकट्ठा किय़ा जा सके. अमेरिका ने भारत खुलकर साथ दिया है. ये चौथी बार है जब चीन ने ऐसा किया है. चीन द्वारा ऐसा किया जा सकता है इसकी आशंका पहले से ही जताई जा रही थी. 

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First published: 14 March 2019, 8:13 IST
 
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