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भारतीय यूजर्स का डाटा Global Server से डिलीट करने की तैयारी में हैं Mastercard...

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2018, 7:55 IST

ग्लोबल कार्ड भुगतान कंपनी मास्टरकार्ड ने रिज़र्व बैंक को एक "निश्चित" तारीख का प्रस्ताव दिया है, जिससे वह वैश्विक सर्वर से भारतीय कार्डधारकों के डेटा को हटाना शुरू कर देगा. लेकिन साथ ही में ये चेतावनी भी दी है कि इससे हो सकता है कि कुछ समय के 'सेफ्टी और सिक्योरिटी' कमजोर हो जाए. इस बारे में पीटीआई के साथ बातचीत में मास्टरकार्ड के भारत डिवीजन के अध्यक्ष पोरश सिंह ने कहा कि कंपनी 200 से अधिक देशों में काम कर रही है, और अब यूज़र्स का डाटा ग्लोबल सर्वर से हटाने के लिए प्रस्तावित किया गया है.

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अप्रैल में एक नया विनियमन जारी किया, जो 16 अक्टूबर से लागू हुआ था, जिसके लिए भुगतान कंपनियों को देश में भारतीयों से जुड़े लेनदेन के बारे में सारी जानकारी ऑनलाइन जमा करने की आवश्यकता थी. मास्टरकार्ड ने कहा कि सभी नए भारतीय लेनदेन डेटा को 6 अक्टूबर तक पुणे में अपने प्रौद्योगिकी केंद्र में संग्रहीत किया जा रहा है.

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इस मामले में सिंह ने कहा, "हमने जो प्रस्ताव दिया है (आरबीआई को) यह है कि हम इसे हर जगह से (डेटा) हटा देंगे, चाहे वह कार्ड नंबर, लेनदेन विवरण हो. डेटा केवल भारत में ही संग्रहीत किया जाएगा ... हम इसे हटाना शुरू कर देंगे ... ".

उन्होंने आगे कहा कि मास्टरकार्ड ने भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव दिया है कि भारतीय डेटा स्थानीय रूप से संग्रहीत किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय यूज़र्स का डाटा और कहीं भी संगृहीत नहीं होगा.

हालांकि मास्टरकार्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने केंद्रीय बैंक को डेटा हटाने के प्रभाव के बारे में सूचित किया है. सिंह ने कहा, "दुनिया के किसी अन्य देश ने हमें वैश्विक सर्वर से डेटा हटाने के लिए नहीं कहा है और यही कारण है कि यह हमारे लिए चिंता का कारण है क्योंकि यह सुरक्षा की कमजोर होगी."

First published: 16 December 2018, 14:45 IST
 
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