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मथुरा कांड के बाद बीजेपी और बसपा ने जमीन कब्जे को बनाया चुनावी मुद्दा

अतुल चंद्रा | Updated on: 10 June 2016, 23:24 IST
QUICK PILL
  • मथुरा के जवाहर बाग के अतिक्रमण का मामला सामने आने के बाद बीजेपी ने अवैध कब्जे से लोगों को मदद दिलाने के लिए kabja.hatao@bjp.org नाम से मेल आईडी सार्वजनिक की है.
  • बीजेपी की इस पहल के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनी तो वह जमीन कब्जा करने वालों को सलाखों के पीछे भेजेंगी.

जमीन पर कब्जा किए जाने की घटना से पीड़ित लोगों की मदद के लिए बीजेपी की तरफ से mailto:kabja.hatao@bjp.org मेल आईडी जारी किए जाने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी सत्ता में लौटने पर जमीन कब्जा करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया है.

गुरुवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं को चेतावनी देते हुए मायावती ने कहा, 'अगर राज्य में बसपा की सरकार बनती है तो जमीन पर कब्जा करने वालों को जेल जाना होगा.'

मथुरा के जवाहर बाग की घटना के बाद जमीन कब्जा का मुद्दा अचानक से चुनावी मुद्दा बन गया है. समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं की शह पर रामवृक्ष यादव के मथुरा के जवाहर बाग पर कब्जा किए जाने की घटना आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

जवाहर बाग में अतिक्रमण को खाली कराने में कुल 29 लोगों की जान चली गई और इस घटना से सरकार की छवि को झटका लगा है. सपा पर अब भ्रष्ट, अपराधियों और जमीन कब्जा करने वाले माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लग रहा है. 

बीजेपी और बसपा जहां इस मुद्दे को लेकर सपा को घेर रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर मामले को ठंडा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस पूरे विवाद में अखिलेश यादव का विकास का एजेंडा कहीं पीछे छूटता नजर आ रहा है. बीजेपी ने कहा है कि उसे जहां भी जमीन कब्जा करने की सूचना मिलेगी, वहां पार्टी इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी.

कांग्रेस ने हालांकि अभी तक मथुरा कांंड पर कोई भी बयान नहीं दिया है

बीजेपी के जमीन कब्जा करने को मुद्दा बनाने के बाद उत्तर प्रदेश में कानून और व्यवस्था की खराब हालत और भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. पार्टी ने इसी के मुताबिक नारा भी दिया है. बीजेपी 'ना अपराध, ना भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार' के नारे के साथ सपा सरकार पर निशाना साध रही है.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जवाहर बाग कांड की सीबीआई जांच की याचिका को खारिज कर दिया है. राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. बीजेपी ने इस मामले में शिवपाल सिंह यादव पर निशाना साधा है. पार्टी का कहना है कि न्यायिक आयोग की जांच की मदद से बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

सबसे अधिक चौंकाने वाली बात कांग्रेस की चुप्पी है. राज्यसभा में कपिल सिब्बल को भेजे जाने के लिए समाजवादी पार्टी के समर्थन पर टिकी कांग्रेस ने इस पूरे मामले में कुछ भी नहीं बोलने का फैसला लिया है. 

कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया, 'राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर मथुरा घटना पर हमारी टिप्पणी सही नहीं होगी. लेकिन कांग्रेस का हमेशा से मानना रहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जा पुलिस, जिला प्रशासन और नेताओं की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता.'

कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता रमेश दीक्षित ने जमीन कब्जे की घटना को बेेेकार का मुद्दा बताया. उन्होंने कहा, 'हालांकि मायावती समाजवादी पार्टी के नेताओं को जमीन कब्जा के मामले में जेल भेजने की बात कर रही हैं लेकिन जब उनकी सरकार सत्ता में थी तब उनके नेताओं ने भी यही काम किया. कांग्रेस और बीजेपी के नेता कभी भूमिहीन थे लेकिन राजनीति में आने के बाद उनके पास कई एकड़ जमीन है.'

मथुरा ने भले ही बीजेपी को चुनावी मुद्दा दे दिया हो लेकिन जब बात भ्रष्टाचार और जमीन की होती है तब वह उसी मंच पर नजर आते हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुजफ्फरनगर जिला प्रेसिडेंट पर शाहपुर नगर पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगा है.

First published: 10 June 2016, 23:24 IST
 
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