Home » इंडिया » Nine-year-old Muskaan Ahirwar, who lives in the slums of Arera Hills in Bhopal is an inspiration for all
 

भोपाल की झुग्गी में रहने वाली 9 साल की 'थॉट लीडर' मुस्कान से मिलिए

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2016, 17:05 IST
(एएनआई)

नौ साल की छोटी सी उम्र में भोेपाल की मुस्कान ने वो बड़ा काम करके दिखाया है, जो बड़े-बड़े लोग नहीं कर सकते. भोपाल के एक बेहद गरीब परिवेश में मुस्कान बहुत से बच्चों की जिंदगी में तालीम की अलख जगाते हुए उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर रही हैं. 

भोपाल की अरेरा हिल्स झुग्गी में रहने वाली मुस्कान अहिरवार बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. मुस्कान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी चलाती हैं. एक ऐसी उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपना खाली टाइम घूमने-फिरने और खेलने में गुजारते हैं, मुस्कान कुछ अलग कर गुजरने में जुटी रहती है.

बच्चों को मुस्कान का इंतजार

तीसरी में पढ़ने वाली मुस्कान इस पुस्तकालय में लाइब्रेरियन की भूमिका भी निभा रही हैं. मुस्कान की लाइब्रेरी उनके घर के बाहर ही स्थित है, जिसे बाल पुस्तकालय के नाम से जाना जाता है.

झुग्गी में रहने वाले बच्चे बड़ी ही बेसब्री से मुस्कान के आकर लाइब्रेरी खोलने का इंतजार करते नजर आते हैं. बच्चे मुस्कान को कहानी सुनाने और किताब पढ़ाने के लिए घेर लेते हैं.  

नीति आयोग से मिला अवॉर्ड

यह लाइब्रेरी शुरू करने का विचार दिसंबर में आया था, जब राज्य शिक्षा केंद्र ने महसूस किया कि झुग्गी में रहने वाले बहुत से बच्चे जब स्कूल से घर लौट आते हैं, तो वे दोबारा पढ़ नहीं पाते.

25 किताबों से शुरू हुए भोपाल के इस बाल पुस्तकालय में अब 119 किताबें हैं. मुस्कान को उसके बेमिसाल काम के लिए शुक्रवार को दिल्ली में नीति आयोग की तरफ से थॉट लीडर के पुरस्कार से नवाजा गया.

First published: 10 September 2016, 17:05 IST
 
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