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पश्चिम बंगाल की राजनीति के रैंबो बने दिलीप घोष

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 30 May 2016, 22:07 IST
(कैच हिंदी)
QUICK PILL
  • बीजेपी के विधायक दिलीप घोष तृणमूल कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि अगर उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ तो वह पलटकर तृणमूल को उसी भाषा में जवाब देंगे.
  • बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पहली बार राज्य में तीन सीटें मिली हैं. घोष भी पहली बार विधायक बने हैं और इससे पहले वह अंडमान में संघ के संयोजक रह चुके हैं. 

हिंसा और गुंडागर्दी बंगाल की राजनीति से जुड़ी रही है. जब वामपंथी दल सत्ता में थे तब उन्होंने इस मामले में रिकॉर्ड बनाया और अब उस रिकॉर्ड को तृणमूल कांग्रेस ने पीछे छोड़ दिया है. सांस्कृतिक वर्चस्व का घमंड अब बीते जमाने की बात हो गई है. ऐसा लग रहा है कि इन दिनों बंगाल के नेताओं में होड़ मची है नीचे गिरने की.

ऐसे सामाजिक और राजनीतिक भ्रम की स्थिति में एक व्यक्ति रैंबों की तरह बंगाल की राजनीति में उभर रहा है. यह कोई और नहीं बल्कि दिलीप घोष हैं. भारतीय जनता पार्टी के सचिव और अब पश्चिमी मिदनापुर के खड़गपुर सदर से विधायक.

घोष के कुछ बयानों को पढ़ने के बाद स्थिति और ज्यादा साफ और स्पष्ट हो जाती है.

शुक्रवार को नई सरकार के गठन के पहले मीडिया से बातचीत में घोष ने कहा, 'अगर मैं चाहूं तो कल खड़गपुर में 5,000 लड़के जमा हो जाएंगे. तृणमूल कांग्रेस को खड़गपुर में 34,000 वोट मिले हैं. अगर मैं इन 34,000 लोगों को सड़क पर पीटना शुरू कर दूं तो मुझे कौन रोकेगा? अगर मेरे सब्र का बांध टूट गया तो हम ताकत का इस्तेमाल शुरू कर देंगे.'

घोष के नेतृत्व में बंगाल बीजेपी ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया वहीं बीजेपी की शीर्ष ईकाई के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली, नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गणपति राजू और राज्य शहरी विकास मंत्री बाबुल सुप्रियो ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे.

घोष ने कहा, 'आधे से अधिक हमारे लोग आरएसएस की तरफ से प्रशिक्षित हैं और उनके हाथों में किसी की भी गर्दन मरोड़ने की क्षमता है.'

बंगाल में 2016 में बीजेपी के विधायकों की संख्या बढ़कर 1 से 3 हो चुकी है

अंडमान में आरएसएस के पूर्व संयोजक रह चुके घोष ने कहा, 'मैं तृणमूल कांग्रेस को चेतावनी दे रहा हूं. हमारे पास महज 3 सीट हैं लेकिन यह हिसाब बराबर करने के लिए काफी है. मैं उम्मीद करता हूं आप अपने रास्ते पर चलेंगे वरना हमें आपको सीधा करते देर नहीं लगेगी.'

उनका कहना साफ है अगर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला करते हैं तो वह बदले की भावना से पलटवार करेंगे.

चुनाव बाद बीजेपी की नेता रुपा गांगुली पर कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. गांगुली कार्यकर्ताओं से मिलकर लौट रही थी, तभी उन पर हमला हुआ.

घोष कहते हैं, 'आपके सांसद दिल्ली जाते हैं और अगर आपने हम पर हमला नहीं रोका तो हम देखेंगे कि कैसे आपके सांसद दिल्ली से सुरक्षित वापस आते हैं.' जब वह ममता बनर्जी के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे तब उन्होंने यह बात कही थी. हालांकि यह विरोध प्रदर्शन 15 मिनट से ज्यादा नहीं चल पाया क्योंकि पुलिसवालों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.

घोष ने कहा, 'हम उन्हें बिना खाना पानी के घर के भीतर बंद कर देंगे. कई साल पहले हमने सीपीएम के नेता को घर में बंद कर दिया था जब वह केरल में बैठक कर रहे थे. केरल में संघ के कार्यकर्ताओं की हत्या की जाती है. हम तृणमूूल के साथ भी ऐसा ही करेंगे.'

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस केवल बंगाल की पार्टी है लेकिन बीजेपी पूरे देश में फैली हुई है. बीजेपी बेहद आसानी से तृणमूल से सूद के साथ हिसाब चुका सकती है.

पहली बार विधायक बने दिलीप घोष कई बार टीएमसी को चेतावनी दे चुके हैं

अगर आपको लगता है कि विधायक बनने के बाद घोष की दिमागी हालत बिगड़ गई है तो आपको गलत लगता है.

कुछ हफ्ते पहले वह तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने जाधवपुर विश्वविद्यालय की लड़कियों को घटिया और बेशर्म करार दिया था. बाद में हालांकि उन्होंने कहा कि वह गांव की भाषा में बात कर रहे थे. लेकिन वह गलत नहीं थे.

यह समय ही बताएगा कि दिलीप घोष बंगाल में तृणमूल के आतंक के आगे रैंबो साबित होते हैं या नहीं. लेकिन अगले पांच सालों में वह कई ऐसी चीजें करने जा रहे हैं जो अलग होंगी. हो सकता है तब लड़ाई तृणमूल और बीजेपी के बीच हो. 

First published: 30 May 2016, 22:07 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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