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मिलिए वकील प्रशांत पी उमराव से, जिनके खिलाफ पत्रकार राजदीप ने दर्ज करवाई पुलिस शिकायत

सुनील रावत | Updated on: 7 February 2018, 15:35 IST

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने प्रशांत पी उमराव के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की है. जो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायकों के अयोग्य होने के मामले में चर्चा में आये थे. सरदेसाई ने शिकायत दर्ज की है कि उमराव सोशल मीडिया पर नकली खबरों का प्रसार कर रहे हैं.

सरदेसाई ने 28 जुलाई 2012 को किये गए एक ट्वीट के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसमें प्रशांत ने वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के नाम से शेयर किया था. इस ट्वीट में आरोप लगाया था कि राजदीप ने 1,000 हिंदुओं की हत्या करने की बात कही थी.

प्रशांत पी उमराव कौन है?

प्रशांत पी उमराव एक वकील हैं जो आम आदमी पार्टी के विधायकों को लाभ के पदों पर पदोन्नत करने के मामले में अपनी याचिका के बाद चर्चा में आये थे. उनका ट्विटर हैंडल @ippatel नाम से है. स्क्रॉल डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार पटेल की ट्विटर एआईडी से पहले भी कई फेक न्यूज़ शेयर की जाती रही हैं. इसका खुलासा न्यूज़ वेबसाइट ऑल्टडॉट इन ने किया था.

स्क्रॉल की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2017 में एक चौंकाने वाली घटना में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सामने आयी. इस घटना में एक स्विस पर्यटक जोड़े को हमला किया गया था. यह घटना इंटरनेशनल मीडिया की सुर्खिया बनी. प्रशांत उमराव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने यह फेक न्यूज़ फैलाई थी कि अल्पसंख्यक समुदाय ने स्विस जोड़े पर पर हमला किया था. बाद में यह पता चला कि हमलावर अल्पसंख्यक समुदाय से नहीं थे.

जब उत्कल एक्सप्रेस अगस्त 2017 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पटरी से उतरी उमराव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने साजिश और तोड़फोड़ की अफवाह फैलाई. उन्होंने ट्वीट किया कि यह दुर्घटना वास्तव में एक आतंकवादी चाल थी और दावा किया कि रेल-सड़क के क्लिप को हटा दिया गया था.

उन्होंने कहा कि यह हिंदू तीर्थयात्रियों को मारने का एक कदम हो सकता है. जबकि इस दुर्घटना में कोई आतंकवादी एंगल नहीं था. प्रारंभिक जाँच में दुर्घटना का कारण मानवीय त्रुटि बताया गया था.

प्रशांत उमराव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने फैलाया कि पत्रकार रविश कुमार की बहन को भ्रष्टाचार के आरोपों में सरकारी सेवा से निलंबित कर दिया गया. बाद में यह पता चला कि जिस महिला को नामित किया गया था वह रविश कुमार की बहन नहीं थी. यहां तक कि वह किसी पत्रकार की करीबी भी नहीं थी. इसके बावजूद यह अफवाह ट्विटर पर राइट-विंग द्वारा वायरल की गयी.

First published: 7 February 2018, 15:30 IST
 
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