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मेघालय: SC ने सरकार को फटकारा- काम से संतुष्ट नहीं, मजदूरों को जिंदा या मृत बाहर निकालें

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2019, 14:10 IST

उत्तर-पूर्व राज्य मेघालय के एक कोयला खदान में पिछले तीन हफ्ते से 15 मजदूर फंसे हुए हैं. जिन्हें अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है. इसे लेकर अब देश की सर्वोच्च न्यायालय ने अब राज्य सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आपके काम से हम संतुष्ट नहीं हैं. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 21 दिन बाद मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जा सका है. मेघालय की सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें जल्द ही जिंदा या मृत बाहर निकालें. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर स्थिति है. यह 15 मजदूरों की जिंदगी और मौत का सवाल है.

 

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल या केंद्र सरकार के किसी कानून अधिकारी को तलब किया है. कोर्ट ने कहा, "यह मामला गंभीर और चिंताजनक है, इस संबंध में कोर्ट निर्देश जारी करेगा." कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए उसके द्वारा बचाव के लिए उठाए गए कदमों पर सवाल उठाए हैं.

जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने कहा, "अगर सरकार कदम उठा रही है तो खदान के मजदूरों का क्या हुआ? मजदूरों को खदान में फंसे हुए कितने दिन हो गए? क्या इस मामले में केंद्र, राज्य और एजेंसियों के बीज समन्वय नहीं है? क्या कोर्ट सेना को कदम उठाने के लिए आग्रह नहीं कर सकता?"

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कोर्ट ने कहा, "हम अभी तक उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं. मजदूरों को बाहर निकालने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. अगर ये भी माना जा रहा है कि वो जिंदा हैं या नहीं तो भी उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए." जस्टिस सीकरी ने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि वे सब जिंदा हैं.

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बता दें कि मेघालय के पूर्वी जैंतिया पर्वतीय जिले में स्थित 370 फुट गहरी अवैध कोयला खदान में नदी से पानी चले जाने के बाद से 13 दिसंबर से 15 खदानकर्मी फंसे हुए हैं. एनडीआरएफ के 100 विशेषज्ञों की टीम ने वहीं ढेरा डाला हुआ है, लेकिन उचित उपकरण न होने की वजह से राहत एवं बचाव कार्य में बाधा आ रही है.

First published: 3 January 2019, 14:10 IST
 
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