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मेहुल चोकसी ने अदालत में दिया माल्या वाला तर्क, CBI ने दिया ये जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2018, 12:09 IST

शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन की अदालत के समक्ष अपनी प्रत्यर्पण याचिका के मामले में भारत में जेलों की खराब स्थिति का हवाला दिया था. अब 13,578 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में वांटेड मेहुल चोकसी ने इंटरपोल से सीबीआई की रेड कार्नर नोटिस का विरोध किया है. जिसमे चोकसी भारतीय जेलों ख़राब स्थिति का हवाला दिया है. जबकि इंटरपोल से पहले अपनी याचिका में चोकसी ने दावा किया कि जेल "मानवाधिकार की शर्तों का उल्लंघन करते हैं", चोकसी ने आरोप लगाया उन्हें मीडिया द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चोकसी के कथित रूप से एंटीगुआ और बारबूडा कैरीबियाई द्वीपों में छुपने की खबर आती रही है. याचिका में चोकसी का दावा है कि इस मामले को मीडिया द्वारा गलत प्रचारित किया जा रहा है. जबकि कोई भी आरोपों की वास्तविकता में नहीं जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रणाली प्रभावित हो सकती है. चोकसी का कहना है कि उन्होंने उल्लेख किया है कि उन्हें इस मामले में अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ मिलकर जोड़ा जा रहा था और भारत में आरोपी के लिए कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है.

 

कुछ दिन पहले इस मामले में सीबीआई ने चोकसी के विवाद के मामले में जवाब दिया. एजेंसी ने कहा है कि भारत में जेलों को जेल मैनुअल के अनुसार बनाए रखा जाता है. सीबीआई ने कहा कि आजतक इस मामले के किसी सह आरोपी या जमानत हासिल कर चुके आरोपी कभी यह शिकायत नहीं की थी कि जेलों की स्थिति अमानवीय है.

सीबीआई ने आगे कहा है कि मीडिया रिपोर्ट उनके स्रोतों पर आधारित है और जांच एजेंसी का इसके साथ कुछ लेना देना नहीं है. मीडिया सहित बाहरी स्रोतों से मामला प्रभावित नहीं हो सकता है. मानवाधिकार उल्लंघन पर सीबीआई ने कहा है कि हर राज्य के अपने मानवाधिकार आयोग पैनल होते हैं और केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग है. किसी भी आरोप को इन दोनों निकायों द्वारा देखा जा सकता है. इसलिए चिंता करने का कोई कारण नहीं है.

आरोपी की पर्याप्त सुरक्षा को लेकर सीबीआई ने कहा है कि भारत में ऐसे कानून हैं जो आरोपी के अधिकारों की रक्षा करते हैं. "अधिकारियों का कहना है कि चोकसी ने खुद को एक विशेष सीबीआई अदालत द्वारा जारी किए गए गैर जमानती वारंट को चुनौती दी है. यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि चोकसी उनके सामने उपलब्ध कानूनी उपचार से अवगत हैं.

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First published: 27 August 2018, 12:07 IST
 
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