Home » इंडिया » #MeToo: Akbar can knock court on charges of sexual abuse against him
 

#MeToo: अपने खिलाफ यौन शोषण के आरोपों पर अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं अकबर

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 October 2018, 10:52 IST

केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने 14 महिलाओं द्वारा यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बावजूद इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है. विदेश राज्य मंत्री ने आरोपों को झूठा बताया और आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ वह कोर्ट का रुख कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक अकबर आज अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दायर कर सकते हैं.

एक दिन पहले विदेश दौरे से लौटे बीजेपी नेता और पूर्व पत्रकार अकबर ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था, ‘‘मेरे खिलाफ लगाए गये दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढंत हैं. इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है. मैं इन आरोपों पर जल्द जवाब नहीं दे सका क्योंकि मैं विदेश की आधिकारिक यात्रा पर था.’’

 

अकबर पर आरोप लगाने वाली महिलाओं में प्रिया रमानी, गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजु भारती और शुतापा पॉल शामिल हैं. अकबर ने कहा कि 2019 में होने वाले आम चुनावों से कुछ महीने पहले ‘मी टू’ तूफान क्यों उठा है? उन्होंने कहा,‘‘आम चुनाव से पहले यह तूफान क्यों उठा है? क्या कोई एजेंडा है? आप ही फैसला करें.’’

महिलाओं का अकबर पर आरोप है कि उन्होंने अखबार का संपादक होने के दौरान उनका यौन शोषण किया था. इन आरोपों के बाद इस पर राजनीति भी शुरू हो गई थी. कांग्रेस लगातार अकबर से इस्तीफे की मांग कर रही है. अकबर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है. हालांकि मीडिया में कहीं उनके इस्तीफा दे देने और कहीं उनके इस्तीफा नहीं देने की खबरें चल रही हैं.

ये भी पढ़ें : एमजे अकबर ने यौन शोषण के आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा- करूंगा कानूनी कार्रवाई

First published: 15 October 2018, 10:45 IST
 
अगली कहानी