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हरियाणवी राजनीति के नए थिय़ेटर मेवात में मुख़्तार अब्बास नक़वी का फ्लॉप शो

राजीव खन्ना | Updated on: 7 October 2016, 7:29 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • प्रोग्रेस पंचायत को सम्बोधित करने पहुंचे केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि हम आपके लिए विकास और विकास का मसौदा लेकर आए हैं ताकि आपका कल्याण सुनिश्चित हो सके.
  • इसके बावजूद इस कार्यक्रम से लोगों में उत्साह का संचार नहीं हुआ. वजह यह थी कि नक़वी ने कोई कोई ठोस घोषणा नहीं की. बीफ बिरयानी और डींगरहेड़ी बलात्कार पर भी कुछ नहीं बोले.

दक्षिणी हरियाणा का मेवात इलाक़ा हरियाणा की राजनीति में सबसे तेज गति से थियेटर के रूप में तब्दील होता जा रहा है. राज्य के मुख्य राजनीतिक दलों- भाजपा, कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल ने मेवात जिले में अपनी गतिविधियां बड़ी तेजी से बढ़ाई हैं.

मेवात राज्य के सर्वाधिक पिछड़े क्षेत्रों में से एक है. यह जिला मुश्किल से एक दशक पहले ही अस्तित्व में आया था. यह राज्य का एकमात्र मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो हाल में गलत कारणों से सुर्खियों में आ गया है. गौ रक्षकों ने यहां स्टालों पर बेचे जाने वाली बिरयानी के नमूने एकत्रित किए कि कहीं यह बीफ तो नहीं है.

यह जिला डींगरहेड़ी गैंग रेप और दोहरे हत्याकांड की घटनाओं के कारण भी खबरों में रहा. पिछले कुछ महीनों से इस जिले के सुर्खियों में रहने के कारण राजनीतिक दलों को यहां अपना समर्थन देने के लिए थोड़ी 'उपजाऊ जमीन' मिली. इसका नतीजा यह हुआ कि यहां प्रतिस्पर्धी राजनीतिक दलों को पैर जमाने का मौका मिल गया जो अब तक जिले में शून्य हालत में थे.

नक़वी के प्रोग्राम में आए मुसलमान नाराज़

लगभग एक सप्ताह पहले केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा इस जिले का चयन प्रोग्रेस पंचायत कार्यक्रम के लिए किया गया. जहां उन्होंने जिले के सभी ब्लाकों में 'सद्भावना मंडप' बनवाने की घोषणा की ताकि साम्प्रदायिक सद्भाव, कौशल विकास, शिक्षा और खेल के कार्यक्रम इन सद्भभावना मंडपों में आयोजित किए जा सकें.

उन्होंने प्रोग्रेस पंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम आपके लिए विकास और विकास का मसौदा लेकर आए हैं ताकि आपका कल्याण सुनिश्चित हो सके. उन्होंने केन्द्र में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में कराए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया. नकवी ने लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की कि मोदी इस विचार के हैं कि सरकार को विकास की नीतियों और कार्यक्रमों के साथ जनता तक पहुंचना चाहिए.

गरीबी के खिलाफ संघर्ष की जरूरत और चिन्ता जताते हुए नकवी ने कहा कि शिक्षा से ही गरीबी दूर की जा सकती है. उन्होंने कहा कि 'हम मेवात में शिक्षा के स्तर में सुधार करना चाहते हैं ताकि आप में बराबरी का एहसास हो और हम यहां पर कौशल विकास के कार्यक्रम चलाकर युवाओं को रोजगार के लायक बनाएंगे।'

लेकिन इस कार्यक्रम से लोगों में उत्साह का संचार नहीं हुआ. जनसमूह का नकवी से मोह इस कारण भंग हो गया कि उन्होंने कोई ठोस घोषणा नहीं की. बीफ बिरयानी और डींगरहेड़ी बलात्कार और हत्याकांड के कारण लोगों की भाजपा के प्रति नाराजगी बनी हुई है.

नकवी की रैली में जो लोग भाग लेने आए थे, उनकी नाराजगी इसलिए भी थी कि मंच पर नकवी के साथ गऊ सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला भी बैठे हुए थे. बीफ बिरयानी विवाद के लिए गऊ सेवा आयोग को ही जिम्मेदार माना जाता रहा है.

लोगों को उम्मीद थी कि जिले के लिए कम से कम रेल सेवा की घोषणा की जाएगी. इसकी मांग वे सालों से कर रहे हैं. इस मांग को केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने उठाया भी, जिसका बाद में नकवी ने समर्थन भी किया.

विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र के लोग भाजपा की तरफ इसलिए आकर्षित नहीं हो पा रहे हैं कि एक तरफ उन्हें मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले भाजपा के कार्यकाल में निशाने पर लिया जा रहा है और राज्य में साम्प्रदायिकता और गौ रक्षकों को अंध समर्थन दिया जा रहा है तो दूसरी ओर पार्टी उन्हें लुभाने के लिए नकवी जैसे मुस्लिम नेताओं को क्षेत्र में भेज रही है.

भूपेन्दर सिंह हुड्डा भी कर चुके हैं दौरा

इसके पहले कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्दर सिंह हुड्डा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के क्रियान्वयन के खिलाफ मेवात जिले से अपना राज्य व्यापी अभियान शुरू किया था. उन्होंने अपने पूर्व कैबिनेट मंत्री आफताब अहमद के साथ लोगों की सुरक्षा और गौ रक्षकों की गुंडागिर्दी का उल्लेख करते हुए जिले के किसानों का मुद्दा भी उठाया था. हुड्डा ने मेवात का नाम नूंह करने के खट्टर सरकार के प्रयासों की आलोचना की थी और राज्य सरकार को निशाने पर लिया था.

हुड्डा हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में कट्टर समर्थकों के साथ सफलतापूर्वक अपना अभियान चला रहे हैं. वे अपना आधार भी मजबूत कर रहे हैं. वर्तमान सरकार द्वारा उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज कराए गए हैं जिनका वह सामना कर रहे हैं. हुड्डा जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों को यह बताते भी चल रहे हैं कि शत्रुता की राजनीति के चलते उनके खिलाफ ये मुकदमें दर्ज कराए गए हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि हुड्डा ने अपने कार्यकाल के दौरान गुरुग्राम (पूर्व में गुड़गांव) में विकास के काफी काम कराए हैं जिसके चलते गुड़गांव से सटे मेवात में भी जमीनों की कीमतें काफी बढ़ गईं हैं. हुड्डा और आफताब जिले में लोकप्रिय हस्ती हैं.

जिले में अपने अभियान के दौरान हुड्डा ने बिगड़ती जा रही कानून- व्यवस्था और आम आदमी में फैल रहे असंतोष का मुद्दा भी उठाया है. उन्होंने इन मुद्दों पर ध्यान न देने के लिए खट्टर सरकार की आलोचना भी की और कहा कि सरकार ब्यूरोक्रेसी और पुलिस को लगातार पक्ष में करने की कोशिशों में जुटी हुई है. कोई किसी से पीछे क्यों रहे?

8 अक्टूबर को आईएनएलडी की महापंचायत

आईएनएलडी ने भी जिले के नूह में 8 अक्टूबर को महापंचायत बुलाई है. स्थानीय विधायक जाकिर हुसैन इस महापंचायत के मुख्य आयोजक हैं. महापंचाय़त में  डींगरहेड़ी सामूहिक बलात्कार और दोहरे हत्याकांड के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा. हुसैन ने निकटवर्ती राज्यों-राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों से भी अपील की है कि वे भी इस महापंचायत में भाग लें और इस जघन्य अपराध पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करें.

हुसैन ने यह भी कहा है कि पुलिस स्थानीय युवकों को निशाना बना रही है. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, यह असहनीय और खेदजनक है. उन्होंने कहा कि इसके पहले उन्होंने बिरयानी का सैम्पल लेना शुरू किया था. यह सब शांति और सद्भाव के वातावरण को नष्ट करने का सुनियोजित षडयंत्र है. मेवात के लोग देशभक्ति और साहस के जीते-जागते उदाहरण हैं. लोगों को विभाजित करने के षडयंत्र में उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा.

इन सबके अलावा, यहां के मुसलमानों की बड़ी आबादी परम्परागत रूप से कांग्रेस और आईएनएलडी के साथ रही है. जिले में अहीरों की भी अच्छी-खासी आबादी है. अन्य दो राजनीतिक दलों के साथ भाजपा भी इन्हें अपनी ओर मिलाने की कोशिश कर रही है. राव इंद्रजीत सिंह इस समुदाय के बड़े नेता हैं.

वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं. यह लग रहा है कि अब न केवल मेवात बल्कि पूरे दक्षिणी हरियाणा के अहीरों को भी भाजपा में जाने को बढ़ावा मिल सकता है जहां यह समुदाय छितराया हुआ है. कहना न होगा कि आने वाले समय में मेवात निश्चित रूप से लम्बे समय तक सुर्खियों और खबरों में बना रहने वाला है.

First published: 7 October 2016, 7:29 IST
 
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