Home » इंडिया » mha: we do not share of president mercedes limousine information
 

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के कार की सूचना नहीं दी, सोशल मीडिया पर जानकारी उपलब्ध

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2016, 11:37 IST

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आरटीआई आवेदक राकेश अग्रवाल को भारत के महामहिम राष्ट्रपति के प्रयोग में लाई जाने वाली कारों के निर्माण, मॉडल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है.

गृह मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में कहा कि ये केवल देश के प्रथम नागरिक से जुड़ा मसला नहीं है, बल्कि ये एक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है.

पढ़ें:सूचना आयोग की रिपोर्ट आरटीआई पर मंडराते खतरे का इशारा है

मंत्रालय ने आगे कहा, " हम समझते हैं कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करने से महामहिम राष्ट्रपति के लिए खतरा हो सकता है. "

जबकि इस पूरे मसले में सबसे दिलचस्प बात ये है कि मंत्रालय ने आरटीआई से जिस सूचना को सार्वजनिक करने से मना कर दिया है, वो पहले से ही सोशल मीडिया पर मौजूद है.

सुरक्षा चिंताओं के आधार पर याचिका खारिज


‘यू ट्यूब’ पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत के राष्ट्रपति ‘काली मर्सडीज बेंज एस-600 डब्ल्यू 221 पुलमैन गार्ड का इस्तेमाल करते हैं. ये देश के प्रथम नागरिक की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से बनाई गई है.

ये एक भारी बख्तरबंद लिमोजिन है जो सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी वीआर-6 और वीआर-7 के मानकों को पूरा करती है. राष्ट्रपति के काफिले में पहले इस्तेमाल में लाई जाती रही काली मर्सडीज बेंज डब्ल्यू 140 लिमोजिन भी है.

जिसका इस्तेमाल अतिरिक्त वाहन के तौर पर किया जाता है. देश के कई समाचार पोर्टलों पर तस्वीरों के साथ इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध है.

पढ़ें:प्रियंका गांधी: मेरी हैसियत नहीं कि 53,421 रुपए महीने का किराया दूं

आरटीआई आवेदक राकेश अग्रवाल ने राष्ट्रपति के सचिवालय से उन सभी कारों के निर्माण, मॉडल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के बारे में पूछा था. जिनमें रजिस्ट्रेशन नंबर की जगह पर राजकीय चिह्न लगा होता है.

गृह मंत्रालय की दलील से सीआईसी सहमत

आरटीआई में राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राजभवन और राजनिवास की कारों के बारे में जानकारी मांगी गई थी.

गृह मंत्रालय ने राकेश अग्रवाल के आरटीआई पर अपनी टिप्पणी में कहा कि इस जानकारी को देने से देश की सुरक्षा और राष्ट्रपति के जीवन तथा शारीरिक सुरक्षा को खतरा होगा.

गृह मंत्रालय की दलील से सहमत होते हुए मुख्य सूचना आयुक्त राधा कृष्ण माथुर ने याचिका को खारिज कर दिया.

पढ़ें:सीआईसी ने केजरीवाल को फटकारा, लगाया 1 लाख का जुर्माना

First published: 18 April 2016, 11:37 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी