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इतिहास में पहली बार होगा ऐसा, ईसाई रीती-रिवाजों से होगा मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2018, 13:11 IST

देश की पांच विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बार दिलचस्प रहे. देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी भारतीय जनता पार्टी को पांचों राज्यों में हार का मुंह देखना पड़ा. वहीं सत्ता से बाहर रही कांग्रेस ने तीन राज्यों में धमाकेदार एंट्री कर ली है. वहीं नार्थ ईस्ट में कांग्रेस और बीजेपी दोनों को पीछे छोड़ कर मिजो नैशनल फ्रंट ने बाजी मार ली है.

मिजोरम में मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण शनिवार को होगा. इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब राज्य में ईसाई रीति-रिवाजों के साथ किसी सरकार के मंत्री पद की शपथ लेंगे. इस शपथ ग्रहण समारोह में बाइबल के पाठ के साथ धार्मिक भजन भी गाए जाएंगे. इसके लिए समारोह में हैंडल के प्रसिद्ध 'हेललुजाह कोरस' जैसे धार्मिक भजन का विशेष आयोजन होगा.

इस मामले में नवनिर्वाचित एमएनएफ विधायक लालरुत्किमा ने कहा कि राज्य में इस तरह का शपथ ग्रहण इतिहास का पहला ऐसा समारोह होगा. उन्होंने कहा, ''बाइबल के पद पढ़ने के बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा.''

गौरतलब है कि राज्य में दो बार सीएम रहे एमएनएफ के प्रमुख जोरामथंगा शनिवार को अपने साथियों के साथ राजभवन में शपथ लेंगे. एमएनएफ को चर्च के साथ काफी करीब माना जाता है. बता दें कि विधानसभा चुनावों के नतीजे बेटे मंगलवार को घोषित किए गए. इन बार इन चुनावों में कांग्रेस ने केवल पांच सीट पर ही जीत हासिल की जबकि वहीं 2013 के विधानसभा चुनावों में उसने 34 सीटें जीती थीं.

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इसी के साथ राज्य में कांग्रेस की स्थिति तीसरे नंबर पर है. 26 सीटों के साथ एमएनएफ आगे रही जबकि जोराम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के खाते में आठ सीटें आईं. वहीं बीजेपी यहां पर एक ही सीट पर सिमट गई. गौरतलब है कि इस बार मिजोरम में अभी तक राज्य के सीएम रहे ललथनहवला अपनी सीट हार गए. उन्हें एमएनएफ प्रत्याशी ने हराया है. इस बार अगर उनकी जीत होती तो वह छठीं बार सत्ता में आते.

First published: 14 December 2018, 11:23 IST
 
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