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गन्ना किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, शुगर मिलों के लिए 8500 करोड़ मंजूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 June 2018, 14:37 IST
(File Photo)

बीते दिनों यूपी के कैराना से लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी ये चुनाव गन्ना किसानों के मुद्दों की वजह से हारी. इस चुनाव में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान एक बड़ा मुद्दा था. इस परेशानी से आगे न सामना करना पड़े इसके लिए मोदी सरकार ने कमर कस ली है.

दरअसल, मोदी कैबिनेट ने बुधवार को चीनी मिलों के लिए 8500 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज जारी किया है. खबर है कि इसमें 4500 करोड़ रुपए का सॉफ्ट लोन भी शामिल किया गया है. इसका इस्तेमाल इथेनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी के लिए किया जाना है. इसके अलावा 3 मिलियन टन स्टॉक सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.

आपको बता दें कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने बयान दिया था कि 8000 करोड़ रुपये पैकेज जल्द ही जारी किया जाएगा. इस पैकेज से गन्ना किसानों का 2017-18 सीजन में उत्पादन के बाद बकाया चुकाया जायेगा. जबकि गन्ने का 30 लाख टन का बफर स्टॉक बनाया जाएगा. बफर स्टॉक की स्थापना के लिए 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

2017-18 में भारत का चीनी उत्पादन 31.5 मिलियन टन था जो अब तक का सबसे ज्यादा है. भारत, ब्राजील के बाद चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जहां लगभग 50 मिलियन गन्ना किसान हैं. इनमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हैं. चीनी उद्योगों इस्मा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि किसानों के गन्ने का बकाया राशि बढ़कर 14,000 करोड़ रुपये हो गई है.

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इस्मा ने एक बयान में कहा कि चीनी मिलों की तरलता (नकदी) की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार को 20 प्रतिशत के निर्यात शुल्क को समाप्त करना चाहिए और 20 लाख टन का तत्काल निर्यात करने की अनुमति देनी चाहिए. आंकड़ों के अनुसार, चीनी मिलों ने 2017-18 विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) में 15 मार्च तक 2.58 करोड़ टन चीनी का उत्पादन किया जबकि लक्ष्य 2.95 करोड़ टन था.

First published: 6 June 2018, 14:31 IST
 
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