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मंत्रिमंडल विस्तार: आठ साल बाद फग्गन सिंह कुलस्ते की हुई वापसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2016, 15:54 IST

मध्य प्रदेश के मंडला से लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को मंगलवार को मोदी कैबिनेट में शामिल किया गया है. 57 वर्षीय कुलस्ते की गिनती मजबूत आदिवासी नेताओं में होती है. 2014 में वह मंडला से पांचवीं बार सांसद चुने गए. कुलस्ते अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके हैं. कैश फॉर वोट मामले के आठ साल बाद कुलस्ते को बीजेपी ने बड़ा पद दिया है.

कैश फॉर वोट विवाद से रिश्ता

कैश फॉर वोट मामला जुलाई, 2008 का है जब अमेरिका से परमाणु समझौते के विरोध में मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था. वोटिंग के दौरान बीजेपी के तीन सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते, अशोक अर्गल और महावीर सिंह भगोरा ने नोटों का बंडल सदन में लहराते हुए कांग्रेस सरकार पर सांसदों को रिश्वत देने का आरोप लगाया था. संसद में हुई इस शर्मनाक घटना को कैश फॉर वोट कांड के नाम से जाना जाता है.

बीजेपी के तीनों सांसदों ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद अमर सिंह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में मत देने के लिए उनके यहां पैसे भिजवाए. पहले इस मामले की जांच किशोर चंद्र देव की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने की और 2009 में ये मामला दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था.

2011 में इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अमर सिंह, लालकृष्ण आडवाणी के करीबी सुधींद्र कुलकर्णी और बीजेपी के तीनों सांसदों के खिलाफ चार्जशीट कर उन्हें गिरफ्तार किया था. हालांकि, इस मामले में नवंबर 2013 में दिल्ली की एक अदालत ने इन सभी लोगों को आरोप मुक्त कर दिया.

2009 में लोकसभा चुनाव हारे

कैश फॉर वोट मामले के बाद कुलस्ते को अगले साल हुए लोकसभा चुनाव (2009) में हार का सामना करना पड़ा. कुलस्ते बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व के हमेशा करीबी रहे हैं. लोकसभा चुनाव में मिली हार के बावजूद उन्हें 2012 में राज्यसभा में भेजा गया.

'मोदी जी सीएम से पीएम बन गए, हम वहीं घिसे जा रहे हैं'

पिछले दो सालों से कुलस्ते को बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चा चल रही थी. मई, 2014 में मोदी सरकार में शामिल नहीं होने पर और संगठन में बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलने से कुलस्ते, मोदी-शाह की जोड़ी से नाराज हो गए थे.

अगस्त, 2014 में कुलस्ते को चौथी बार बीजेपी एससी-एसटी का अध्यक्ष बनाया गया. कुलस्ते ने तब बगावती तेवर अपनाते हुए कहा, “ मोदी सीएम से पीएम बन गए, हम वहीं घिसे जा रहे हैं. मोदी चाहें, तो उन्हें सरकार का हिस्सा बना सकते हैं.”

उन्होंने बीजेपी नेतृत्व से सवाल किया, "क्या मैं अकेला आदिवासी हूं? 15 साल से यहीं काम कर रहा हूं. अब बदलाव चाहता हूं.”

कुलस्ते केंद्रीय संगठन में महासचिव या मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का पद चाहते थे. बगावती तेवरों के लिए फग्गन पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. 2010 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चुनाव में वह प्रभात झा के खिलाफ चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ गए थे.

First published: 5 July 2016, 15:54 IST
 
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