Home » इंडिया » Modi & Dalit will the pillar of 2017 Assembly election
 

भाजपा यूपी कार्यसमिति: मोदी और दलित होंगे भाजपा के खेवनहार

2017 मिशन के पहले उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन ने आखिरी बार अपने कील कांटे दुरुस्त कर लिए हैं. लखनऊ में संपन्न भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के जरिए पार्टी ने विधानसभा चुनावों का औपचारिक ऐलान कर दिया. पार्टी की रणनीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे और दलितों का वोट समेटेने की है. 

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति ने दो साल में मोदी सरकार के काम के सहारे चुनावी मैदान में जाने का संकल्प लिया. साथ ही हाल में हुई दलितों के उत्पीड़न की घटनाओं का विशेष तौर पर जिक्र किया.

अंबेडकर से जुड़े स्थानों को बनाएंगे पंचतीर्थ

बैठक में पार्टी ने घोषणा की कि उनकी सरकार डाॅ भीम राव आंबेडकर से जुडे पांच स्थानों को “पंचतीर्थ” के रुप में विकसित करने जा रही है. समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कार्यकर्ताओं से चुनावी युद्ध में “सैनिक” की तरह लड़ने का आह्वान भी किया गया.

भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने कहा, 'चुनाव तक हम प्रदेश में जमकर परिश्रम करेंगे. भाजपा यूपी में सरकार बनाएगी. चुनाव किस तरह जीतेंगे ये वक्त बताएगा. बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ कानून व्यवस्था, किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महिलाओं की असुरक्षा का प्रस्ताव पास किया गया.'

भारत माता की जय बोलने से मिलती है उर्जा

कार्यक्रम की शुरूआत और वक्ताओं के भाषणों के बीच-बीच में भारत माता की जय के नारे भी लग थे. वक्ताओं का कहना था की इस नारे से विशेष ऊर्जा मिलती है. संगठन का यह पुराना नारा है. इस पर बहस नहीं किया जाना चाहिए.

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हाल के दिनो में सबसे विवादित रहे विषय पर भी गहन चर्चा हुई. पार्टी पदाधिकारियों को राष्ट्रद्रोह और राष्ट्रप्रेम के विषय में किसी भी तरह से रक्षात्मक न होने की ताकीद की गई. पार्टी प्रस्ताव में कहा गया है कि भाजपा राष्ट्रवादी नीति, पारदर्शी विकास और अन्त्योदय की नीति पर चलने वाली पार्टी है. 

राष्ट्रद्रोह और राष्ट्रप्रेम की बहस छेड़कर विरोधी दल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. वे केन्द्र की मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे है. इससे सावधान रहना होगा.

सपा सरकार की नाकामियों को उजागर करें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए कहा, 'अखिलेश सरकार की कमियों को मीडिया के माध्यम से उजागर कर सरकार की छवि को खराब करें. सरकार और सरकारी कर्मियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करें.साथ ही केन्द्र की उपलब्धियों को जनता तक ले जाएं.'

मोदी छाए रहे

इससे पूर्व पार्टी उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने बैठक का उद्घाटन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी की वजह से अब भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ में गंभीरता से लिया जाने लगा है. भारत विश्वगुरु बनने की ओर आगे बढ रहा है. योग दिवस उसका पहला कदम है. प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर यदि काम किया जाएगा तो 2017 भाजपा का होगा.'

माथुर ने नरेंद्र मोदी की तारीफ में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील पर 65 लाख लोगों द्वारा कुकिंग गैस की सब्सिडी स्वतः छोड़ दी गई है जिससे पांच करोड गरीब जनता को नया गैस कनेक्शन मिलेगा..

उत्तर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि यूपी की सत्ता में आने के लिए बसपा ने कहा कि वे सत्ता में आए तो मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह को जेल में डाल देंगे. सत्ता में आने के बाद उन्होंने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. 

इसी तरह सपा ने कहा कि वे सत्ता में आए तो मायावती और भ्रष्ट अधिकारियों को सलाखों के पीछे डाल देंगे. लेकिन दोनों ने ही एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दोनों में सांठ गांठ है.

हर गांवों के विकास के लिए 80 लाख

पार्टी ने पूरी तरह चुनाव मोड में आने का संकेत इस बैठक में दिया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्ममीकांत बाजपेयी ने बताया कि केन्द्र सरकार ने सभी गांवों और ब्लाकों को क्रमश: 80-80 लाख और 21-21 करोड रुपये देने का निर्णय लिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के केन्द्र पर उत्तर प्रदेश के हिस्से का धन नहीं देने संबंदी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूछा कि किसानों के लिए दिए गए 2801 करोड़ रुपए कहां चले गए.

बाजपेयी ने प्रदेश की डावांडोल कानून व्यवस्था पर भी सपा सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में 12,198 हत्याएं, 2,930 बलात्कार, 6,015 लूट डकैती और 1,232 अपहरण की घटनाएं हुई हैं. सपा ने यूपी को लाशों का डंपिंग ग्राउंड बना दिया है.

इसके अलावा उन्होंने दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर विशेष जोर दिया. गौरतलब है कि भाजपा दलितों के मुद्दे पर काफी आक्रामक रवैया अपनाए हुए है.

उन्होंने बसपा अध्यक्ष मायावती पर दलितों की हितैषी होने का ढोंग रचने का आरोप लगाया और कहा कि दलितों के उत्पीडन की किसी भी घटना में मायावती मौके पर नहीं गयीं. विधानसभा और विधान परिषद में नेता विपक्ष क्रमशः स्वामी प्रसाद मौर्य तथा नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी नहीं गए. हैदराबाद की घटना पर उन्हें दर्द होता है

First published: 2 April 2016, 8:46 IST
 
राघवेंद्र प्रताप सिंह @catchhindi

संवाददाता, पत्रिका ब्यूरो लखनऊ

पिछली कहानी
अगली कहानी