Home » इंडिया » Modi government approves cheap loan for farmers
 

मोदी सरकार का तोहफ़ा बरक़रार, 4 फ़ीसदी ब्याज पर किसान पाएंगे क़र्ज़

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 June 2017, 16:26 IST
आर्या शर्मा/ कैच न्यूज़

किसानों को सस्ता कर्ज़ मुहैया कराने की अवधि के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंज़ूरी दे दी है. बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में यह प्रस्ताव पास हो गया कि किसानों के लिए ब्याज वापसी की स्कीम आगे भी जारी रहेगी. इस स्कीम के तहत सरकार किसानों को उनके चुकाए ब्याज का 5% हिस्सा उन्हें वापस कर देगी.

यह योजना 31 मार्च, 2017 को खत्म हो गई थी, लेकिन अब मोदी सरकार की कैबिनेट ने इसे मंज़ूरी दे दी है. हालांकि किसानों को इसका लाभ क्रॉप लोन के लिए अगले एक साल तक के लिए होगा और इसकी अधिकतम सीमा 3 लाख रुपये रखी गई है. 

19 हज़ार करोड़ रुपये होंगे खर्च

अब किसानों को 9% ब्याज पर मिलने वाला लोन 4% पर मिलेगा. एक अनुमान के मुताबिक केंद्र सरकार इस स्कीम के तहत 19000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह योजना केंद्र सरकार की है और देशभर के किसान इसका लाभ उठा सकेंगे. 

देश के कई राज्यों के किसान कर्ज माफी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी किसानों ने आंदोलन किया. मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन हिंसक हो गया था. यहां पुलिस कार्रवाई में छह किसानों की मौत हो गई थी. यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार लघु और सीमांत किसानों का क़र्ज़ माफ़ कर चुकी है. 

2015-16 में किसानों पर 8.77 लाख करोड़ का क़र्ज

नाबार्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में देशभर के किसानों पर कुल 8 लाख 77 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. अभी दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) में सरकार की तरफ़ से कर्जमाफी का एलान हुआ है.

अगर देश के सभी किसान क़र्ज़माफी की मांग करते हैं, तो कर्ज माफ करने की सूरत में देश की अर्थव्यवस्था पर तकरीबन 9 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इससे सरकार का राजस्व घाटा बढ़ेगा और सरकार की विकास योजनाओं पर बुरा असर पड़ेगा.

इन राज्यों में क़र्ज़माफ़ी

  • 2014 में आंध्र प्रदेश के किसानों का 40 हजार करोड़ का क़र्ज़ माफ
  • तेलंगाना में किसानों का 17 हजार करोड़ रुपये का क़र्ज़ माफ़
  • उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने की 36 हजार करोड़ की क़र्ज़माफी
  • महाराष्ट्र सरकार किसानों का करीब 30 हजार करोड़ क़र्ज़ माफ करेगी

 

तमिलनाडु के किसान भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कर्जमाफ़ी के लिए लंबा विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं.

इन राज्यों पर क़र्ज़ का बड़ा बोझ

  • पंजाब पर 1.25 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़
  • मध्य प्रदेश पर 1.11 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़
  • महाराष्ट्र पर 3.5 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़
  • उत्तर प्रदेश पर तकरीबन 3.75 लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़
First published: 14 June 2017, 16:05 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी