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अब बैंक में या सिम के लिए जबरन मांगे 'आधार' तो करें शिकायत दर्ज, लगेगा 1 करोड़ जुर्माना और 10 साल की जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 December 2018, 16:11 IST

आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर आमलोगों के हित में केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. आधार कार्ड और विवादों का नाता पुराना है. जब से आधार कार्ड वजूद में में आया इस मुद्दे पर कई बार सरकार और विपक्ष आमने-सामने आया इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चला. आधार के अनिश्चितता की सबसे बड़ी वजह ये है कि समय-समय पर इससे डाटा लीक होने के आरोप लगते रहे हैं.

ख़बरों की मानें तो सरकार ने ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में आए आदेश के बाद लिया है. जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि यूनिक आईडी का इस्तेमाल केवल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाए.

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केंद्र सरकार ने किया ये अहम फैसला

अभी हाल तक अगर आपको सिम कार्ड खरीदना हो, अकाउंट खुलवाना हो या किसी भी तरह का वित्तीय ट्रांजैक्शन करना हो आधार को अनिवार्य कर दिया गया था. जिससे आपका डेटा निजी कंपनियों के पास चला जाता था और इसके मिस-यूज की संभावना भी रहती थी.

अब अगर बैंक में अकाउंट खुलवाते समय या सिम कार्ड खरीदते समय या किसी अन्य जगह पर कोई आधार कार्ड की मांग करे और ग्राहक आधार कार्ड नहीं देना चाहता हो तो वह इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है. आधार कार्ड अनिवार्य तौर पर मांगने या दबाव बनाने वालों को एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. नए प्रावधान के अनुसार ऐसा करने वाली कंपनी के कर्मियों को 3 साल से लेकर 10 साल तक की जेल भी हो सकती है. 

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और भारत टेलिग्राफ एक्ट में संशोधन

केंद्र सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और भारत टेलिग्राफ एक्ट में संशोधन कर नए नियम बनाये हैं. केंद्रीय मंत्रालय की बैठक में इसे स्वीकृति दी गई है. अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड के स्थान पर पासपोर्ट, राशन कार्ड या अन्य मान्य डॉक्यूमेंट जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड भी दिखा सकते हैं. अब किसी निजी या सरकारी संस्थान को आधार कार्ड के लिए दबाव डालने का अधिकार नहीं है.

डाटा लीक होने पर लगेगा 50 लाख जुर्माना

सरकार द्वारा नियमों में किए गए संशोधन के अनुसार ऑथेंटिकेशन करने वाली संस्था अगर डाटा लीक के लिए जिम्मेदार पाई जाती है तो उसे 50 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा और 10 साल तक की जेल भी हो सकती है. फिलहाल इन संशोधनों को अभी संसद की मंजूरी मिलना बाकी है और जल्द ही इसे पार्लियामेंट फ्लोर पर रखा जाएगा.

First published: 19 December 2018, 16:11 IST
 
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