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अयोध्या में राम मंदिर बनाने वाले ट्रस्ट को मोदी सरकार ने दिया पहला दान, दान में दी इतनी रकम

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2020, 10:22 IST

Modi Government Donates Rs. 1 in Cash to Ram Mandir Trust: अयोध्या (Ayodhya) में भगवान राम (Ram) का भव्य मंदिर (Temple) बनाने के लिए गठित किए गए ट्रस्ट (Trust) को दान मिलने का सिलसिला शुरु हो गया है. इस ट्रस्ट को पहला दान मोदी सरकार (Modi Government) ने दिया है. मोदी सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) को एक रुपया दान कर इसकी शुरुआत की है.

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affaires) में अवर सचिव डी मुर्मू (D Murmu) ने सरकार (Government) की ओर से एक रुपया दान किया. बता दें कि ये ट्रस्ट बिना किसी शर्त के दान, अनुदान, चंदा, मदद या योगदान नकद, अचल संपत्ति के तौर पर स्वीकार करेगा. बता दें कि अयोध्या विवाद (Ayodhya Confilict) में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 साल के परासरन को राम मंदिर ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया गया है.

परासरन के अलावा इस ट्रस्ट में एक शंकराचार्य समेत पांच सदस्य धर्मगुरु ट्रस्ट में शामिल हैं. इसके साथ ही अयोध्या के पूर्व शाही परिवार के राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्रा, अयोध्या के ही होम्योपैथी डॉक्टर अनिल मिश्रा और कलेक्टर को ट्रस्टी बनाया गया है.

बता दें कि 30 साल पहले केंद्र की तत्कालीन राजीव गांधी सरकार की अनुमति के बाद 9 नवंबर 1989 को प्रस्तावित राम मंदिर की नींव पड़ी थी. शिलान्यास के लिए पहली ईंट विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन संयुक्त सचिव कामेश्वर चौपाल ने रखी थी. चौपाल दलित समुदाय से आते हैं और वह बिहार के रहने वाले हैं. पीएम मोदी के ऐलान के कुछ देर बाद ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक हुई. इस बैठक में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अयोध्या मुख्यालय से 18 किमी दूर ग्राम धानीपुर, तहसील सोहावल रौनाही थाने के 200 मीटर के पीछे पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के लिए मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी.

सरकार ने ये जमीन लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अयोध्या से करीब 22 किलोमीटर पहले दी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को यह जमीन पांच एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दी जा रही है. अब बोर्ड के ऊपर है कि वह इस जमीन का क्या करता है. सुप्रीम कोर्ट ने 09 नवंबर 2019 को अपने ऐतिहासिक फैसले में विवादि बाबरी मस्जिद वाली जमीन को हिंदू पक्ष को देने का फैसला सुनाया था, साथ ही मुस्लिम पक्ष को अलग से पांच एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दिए जाने का आदेश दिया था.

अयोध्या में मस्जिद बनाने के सुन्नी वक्फ बोर्ड को यहां मिली पांच एकड़ जमीन

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First published: 6 February 2020, 10:11 IST
 
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