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शुरू होने से पहले JIO यूनिवर्सिटी पर मेहरबान हुई मोदी सरकार, बॉम्बे-दिल्ली IIT के साथ ये दर्जा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 9:34 IST

मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा अंबानी की जियो यूनिवर्सिटी को 'इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमिनेंस' यानी उत्कृष्ट संस्थान का खिताब मिला है. मानव संसाधन मंत्रालय ने देश की 6 यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट संस्थान का दर्ज़ा दिया है. 3 सरकारी संस्थान और 3 प्राइवेट संस्थान हैं.

गौरतलब है कि कैबिनेट ने 'इंस्टिट्यूट ऑफ़ एमिनेंस' को 3 अगस्त 2017 को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 2 सितम्बर 2017 को INSTITUTE OF EMINENCE के लिए प्रपोजल मांगा था. इसके लिए यूनिवर्सिटी के चयन करने का जिम्मा एक समिति को दिया गया था.

 

समिति का प्रमुख पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वामी को नियुक्त किया गया था तथा इसमें कुल चार सदस्य थे. हालांकि अभी तक इंटरनेट पर उत्कृष्ट दर्जा पाने वाली इस जियो यूनिवर्सिटी के कैंपस, कोर्स आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है. यह एक प्रोजेक्टेड संस्थान है.

बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ साल में यह संस्थान अस्तित्व में आ सकता है. द प्रिंट वेबसाइट के अनुसार यूजीसी का कहना है कि जब यह तीन साल बाद अस्तित्व में आएगा तो इसके पास अधिक एटोनॉमी होगी. साथ ही इसे ग्रीन फील्ड कैटेगरी के अधीन चुना गया है.

वेबसाइट के अनुसार पैनल अधिकारी एन गोपाल स्वामी का कहना है, 'हमनें जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटेगरी के तहत चुना है, जो कि नए संस्थानों के लिए होती है और उनका कोई इतिहास नहीं होता है. हमनें प्रपोजल देखा और इसके लिए चुना. उनके पास स्थान स्थान के लिए प्लान है, उन्होंने फंडिंग की है और उनके पास कैंपस है और इस कैटेगरी के लिए आवश्यक सबकुछ है.'

क्या है इंस्टीट्यूट ऑफ एमनंस
जावड़ेकर ने बताया, ''रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिये टिकाऊ योजना, सम्पूर्ण स्वतंत्रता और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को सार्वजनिक वित्त पोषण की जरूरत होती है.''

बताया जा रहा है कि यह संस्थानों की पूर्ण स्वायत्तता जैसा है. इससे संस्थान अपना निर्णय ले सकेंगे. आज का निर्णय एक तरह से पूर्ण स्वायत्तता है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी छात्र को शिक्षा के अवसर एवं छात्रवृत्ति, ब्याज में छूट, फीस में छूट जैसी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सके.

First published: 10 July 2018, 9:35 IST
 
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