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मोदी सरकार की मंदिरोें से हुई अरबों की कमाई, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2018, 10:10 IST

मोदी सरकार की शुरू की गई गोल्ड मोनेटाइजेशन की स्कीम सरकार के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है. इस स्कीम के तहत सरकार ने आम आदमी के घर पर रखा हूआ सोना बैंक में जमा कराने की बात कही थी. संस्थाओं से भी इस स्कीम के तहत कहा गया था कि तिजोरियों से सोना निकाल कर बैंक में जमा किया जाए. इस स्कीम के बारे में वित्त मंत्राल ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि इस गोल्ड स्कीम से सरकार के खाते काफी बढ़त हुई है.

इस स्कीम के चलते दो सालों में ही 10,872 किलोग्राम से ज्यादा सोना बैंक में आया है. ये सोना केवस मंदिरों से आया है. इसके अलावा भी बैंक में आम जनता ने सोना जमा किया है. गौरतलब है कि तृणमूल के राज्यसभा सदस्य मो. इनामुल हक ने इस बारे में वित्त मंत्रालय से जानकारी मांगी थी. जिसका जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय ने ये रिपोर्ट संसद के समक्ष पेश की. 

वित्त राज्यमंत्री की रिपोर्ट के अनुसार, ''देशभर के मंदिरों/संस्थाओं/कंपनियों/फर्मों की ओर से बीते दो वर्षों यानी वित्त वर्ष 2016-17 में 4,488.44 किलो ग्राम और वित्त वर्ष 2017-18 में 6,383 किलोग्राम सोने का निवेश किया गया है.'' गौरतलब है कि वर्तमान समय में एक किलो सोने की कीमत लगभग 31 लाख रुपए हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो अरबों का सोना मंदिरों की तिजोरी से निकल कर बैंक में पहुंचा है.

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सरकार ने इस योजना को और भी ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इस योजना में कई बदलाव किये थे. जिससे कि लोग ज्यादा से ज्यादा निवेश कर सकें. वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट की मानें तो करीब दो सालों में ही आम लोगों ने इस योजना के तहत करीब 1134 किलो सोने का निवेश किया है. इतना ही नहीं इस योजना के सफल होने से देश में सोने के आयात में काफी कमी आई है.

First published: 16 December 2018, 10:10 IST
 
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