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बार-बार नौकरी से निकालने की धमकी देने वाले बॉस की अब खैर नहीं, मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2019, 13:32 IST

देश में इसी साल लोकसभा चुनाव होने हैं. इस चुनावी मौसम के चलते मोदी सरकार हर तरफ से अपना पलड़ा भारी रखना चाहती है. अब सरकार नौकरी- पेशा लोगों के लिए बड़ी सौगात लेकर आई है. अब सरकार श्रम सुधारों को लेकर काफी सजग होती दिख रही है. इसी के चलते केंद्र सरकार ने कंपनी से कर्मचारियों को हटाने और कभी भी कंपनी बंद करने की मंजूरी देने वाले बिल में अहम बदलाव कर दिया है. अब पहले की ही तरह 100 से ज्यादा कर्मचारी वाली कंपनी बड़े स्तर पर कोई भी फैसला लेने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी.

इस बिल में संसोधन के बाद से अब किसी कर्मचारी को कंपनी ऐसे ही नौकरी से नहीं निकाल सकती है. जिस भी कंपनी में 100 से ज्यादा कर्मचारी हैं उस कंपनी को इस बिल के दायरे में रखा गया है. अब किसी भी 100 से ज्यादा कर्मचारी वाली कंपनी को अचानक बंद करना आसान नहीं होगा.

इसके लिए पहले सरकार से अनुमति लेगी होगी. कर्मचारियों को जॉब से हटाने के लिए भी सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार मने नौकरीपेशा लोगों के हक़ में फैसला देते हुए श्रमकानून से जुड़े कई विवादास्पद क्लॉज को हटाने का निर्णय किया है. इसके तहत Closure, Layoff-Retrenchment क्लॉज में जरूरी बदलाव किये गए थे. इन बदलावों को कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशन के अंतर्गत किया गया था.

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पहले के ड्राफ्ट बिल में कर्मचारियों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 300 कर दिया गया था जिसका फायदा उठाते हुए 300 से कम कर्मचारी रखने वाली कप्म्पनियों के मालिक मनमानी करते थे. लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है. इस ड्राफ्ट को सरकार ने ट्रेड यूनियन के दवाब में आकर कुछ सुधारों के साथ वापस ले लिया है. इस नए बिल का संशोधित ड्राफ्ट बनाकर कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दो से तीन हफ्तों के भीतर ही सरकार नए कोड को मजूरी दे सकती है. इसके पेशा लोगों के लिए बड़ी राहत हो जाएगी.

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First published: 5 January 2019, 13:32 IST
 
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