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एक तिहाई डिप्टी सेक्रेटरी बाहर से लाने की योजना बना रही है मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2019, 9:43 IST

न केवल संयुक्त सचिव (जेएस) रैंक पर एनडीए सरकार लोअर डिप्टी सेक्रेट्री स्तर(डीएस) और निदेशक स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती के लिए बाहरी एक्सपर्ट को नौकरियां देने की योजना बना रही है. केंद्र सरकार का इसके पीछे मकसद प्रशासन में दक्षता बढ़ाने और विशेषज्ञता हासिल का है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कहा कि 3 जून को सचिव (कार्मिक) ने केंद्रीय कार्मिक योजना (सीएसएस) में डीएस / निदेशक पदों को भरने के लिए निजी क्षेत्र के अनुमानित 400 डोमेन विशेषज्ञों को शामिल करने के लिए अपने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों को एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है.

 

रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने ने केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिव और ओएसडी (ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) का कार्यकाल किया है. पीके मिश्रा, अजीत डोभाल और नृपेंद्र मिसरा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. पिछले अप्रैल में सरकार की भर्ती एजेंसी, यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने विभिन्न विभागों में JS के स्तर पर अनुबंध पर 9 लेटरल हायर का चयन किया और 10 पदों के लिए प्राप्त 6,077 आवेदनों में से मंत्रालयों को शामिल किया.

प्रशासनिक सुधारों का एक प्रमुख पहलू नौकरशाही में रणनीतिक सोच को बढ़ावा देने के लिए वरिष्ठ स्तर पर विषय विशेषज्ञों को शामिल करना रहा है. वर्तमान में संयुक्त सचिव, जो प्रशासन की रीढ़ हैं. मुख्य रूप से भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर के अधिकारियों से प्राप्त होते हैं.

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First published: 12 June 2019, 9:42 IST
 
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