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BSNL के कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी खबर, कंपनी को जल्द ही बंद कर सकती है मोदी सरकार !

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 October 2019, 13:10 IST

BSNL और MTNL यूजर्स तथा इन कंपनियों के कर्मचारियों के लिए बहुत बुरी खबर है. केंद्र की मोदी सरकार इन दोनों सरकारी कर्मचारियों को बंद करने की तैयारी में है. मोदी सरकार के वित्त मंत्रालय ने इन दोनों सरकारी कंपनियों को बंद करने की सलाह दी है.

दरअसल, डिपार्टमेंट ऑफ टेली कम्युनिकेशंस यानि डीओटी ने संकट से जूझ रहे BSNL और MTNL को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार से 74 हजार करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज मांगा थ. लेकिन वित्त मंत्री सीतारमण ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

 

BSNL पर 14 हजार करोड़ की देनदारी है, वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में BSNL को 31,287 करोड़ का नुकसान हुआ था. अभी बीएसएनएल में 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं. घाटे की वजह से कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट की तलवार लटक रही है. माना जा रहा है कि अगले 5 सालों में कर्मचारियों की संख्या 75 हजार रह जाएगी.

फिलहाल वित्त मंत्रालय ने इन दोनों सरकारी कंपनियों को बंद करने की सलाह दी है. इन कंपनियों को बंद करने की बात इसलिए की जा रही है क्योंकि अभी टेलीकॉम इंडस्ट्री में आर्थिक संकट जारी है. ऐसे में शायद ही कोई कंपनी इन दोनों कंपनियों में निवेश करे.

 

इसके साथ ही दोनों सरकारी कंपनियों में काम करने वाले तीन प्रकार के कर्मचारियों के लिए बड़ा संकट खड़ा होने जा रहा है. इनमें पहले प्रकार के कर्मचारी वो हैं, जो कंपनियों द्वारा सीधे तौर पर नियुक्त किए गए हैं. वहीं दूसरे प्रकार के कर्मचारी वो हैं, जो दूसरी सार्वजनिक इकाइयों या सरकारी विभागों से इन कंपनियों में आए हैं. जबकि तीसरे प्रकार के कर्मचारियों में इंडियन टेलीकम्यूनिकेशंस सर्विस के अधिकारी आते हैं.

इन कंपनियों को बंद करने की स्थिति में तीसरे प्रकार के कर्मचारी यानि आईटीएस अधिकारियों को अन्य सरकारी कंपनियों में तैनात किया जा सकता है. वहीं, कंपनियों द्वारा सीधे नियुक्त किए गए कर्मचारी चूंकि जूनियर स्तर के कर्मचारी हैं. उनकी संख्या भी महज 10 प्रतिशत है तथा वेतन भी ज्यादा नहीं है तो सरकार ऐसे कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट देने पर विचार कर सकती है.

First published: 10 October 2019, 13:10 IST
 
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