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भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का था शक, फिर भी मोदी सरकार ने काली सूची से हटाया नाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2019, 18:18 IST

केंद्र की मोदी सरकार ने उन 312 लोगों के नाम ब्लैक लिस्ट से हटा लिया है, जिन पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक था. सरकार ने जिन 312 लोगों के नाम काली सूची से हटाएं हैं वह विदेशी सिख नागरिक हैं. इन सभी लोगों पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक था.

दरअसल, साल 1980 के आसपास कई भारतीय सिख और विदेशी सिख भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे थे. तत्कालीन सरकार ने जब उन पर कार्रवाई शुरू की तो वह गिरफ्तारी के डर से विदेश में जा बसे. इसके बाद उनका भारत में आना नामुमकिन हो गया और वह अपने परिवार से मिलने में असमर्थ हो गए. कालांतर में सरकार ने इन्हें ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था.

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने यह फैसला जांच एजेंसियों के रिव्यू के बाद लिया है. जांच एजेंसियों ने एडवर्स सूची का रिव्यू किया और इस लिस्ट में से 312 लोगों के नाम हटा दिए. अब लिस्ट में मात्र 2 लोगों के ही नाम बचे हैं.

एक अधिकारी ने जानकारी दी कि विदेशों में भारतीय मिशनों में एडवर्स सूची की व्यवस्था को भी बंद कर दिया गया है क्योंकि इसकी वजह से सिख समुदाय के लोगों को कांसुलर या वीजा सेवा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था.

अधिकारी ने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से सूची से बाहर किए गए 312 सिखों को भी भारत में वीजा अप्लाई करने की छूट मिलेगी. इसके साथ ही वह अपने परिवार के साथ भारत का दौरा कर  पाएंगे. अधिकारी ने बताया कि एक निश्चित समय अंतराल के दौरान एडवर्स सूची का रिव्यू किया जाता है. रिव्यू से विदेशी सिख नागरिकों को राहत दी जाती है. इससे भारत में वह अपने वंशजों से मिल सकते हैं.

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First published: 13 September 2019, 18:10 IST
 
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