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सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक नहीं करेगी मोदी सरकार!

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2016, 12:50 IST
(कैच)

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने को लेकर सियासी घमासान मचा है. इस बीच खबर है कि मोदी सरकार ने 29 सितंबर को हुए इस सैन्य अभियान के सबूत जारी नहीं करने का फैसला लिया है.

सूत्रों के मुताबिक सेना इस ऑपरेशन से जुड़े 90 मिनट के वीडियो को सरकार के हवाले कर चुकी है. इसके अलावा सैटेलाइट से ली गई सर्जिकल ऑपरेशन की कई तस्वीरें भी मोदी सरकार को सौंपी गई हैं.

बताया जा रहा है कि सेना को यह सबूत जारी किए जाने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन मोदी सरकार सबूत जारी करने को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है. इससे पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पाकिस्तान के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए ऐसी मांग उठाई थी.

पीएम की अध्यक्षता में सीसीएस बैठक

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई. इस दौरान देश के ताजा सुरक्षा हालात के साथ ही नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा की स्थितियों पर भी चर्चा हुई.

सूत्रों के मुताबिक सीसीएस बैठक में किसी भी तरह के हालात से निपटने पर चर्चा हुई. हालांकि सरकार ने पहले से तय कर रखा है कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत नहीं जारी किए जाएंगे. खबर है कि इससे पहले सेना की तरफ से कहा गया था कि हमले के सबूत देने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.

दरअसल मोदी सरकार का मानना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सेना की ओर से दी गई जानकारी ही पर्याप्त है. अगर कोई उस पर भरोसा नहीं करना चाहता तो यह उसकी समस्या है. इससे पहले मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे लोगों को जवाब देने की कतई जरूरत नहीं है. 

आतंकियों के नए लॉन्च पैड तैयार

अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाउ के हवाले से खबर है कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कई अहम जानकारियां साझा कीं.

बैठक के दौरान नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के हालात की भी जानकारी दी गई. अंग्रेजी चैनल के मुताबिक अजीत डोभाल ने इस बैठक के दौरान बताया कि खुफिया एजेंसियों ने 100 से ज्यादा आतंकियों को आइटेंटिफाई किया है. साथ ही डोभाल ने इस बात पर चिंता जताई कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकी अब नए लॉन्च पैड तैयार कर रहे हैं.

इससे पहले अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कई खुलासे किए थे. अंग्रेजी अखबार ने नियंत्रण रेखा के पार पांच चश्मदीदों से बातचीत के आधार पर दावा किया था कि 29 सितंबर को सुबह ट्रक में भरकर आतंकियों के शव ले जाए जा रहे थे. इसके अलावा रिपोर्ट में चश्मदीदों के हवाले से भारी गोलीबारी की आवाज सुनने का भी दावा किया गया था.

First published: 5 October 2016, 12:50 IST
 
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