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मोदी सरकार ने खाने की बर्बादी रोकने के लिए बनाई ये योजना, जल्द की जाएगी लागू

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2019, 15:55 IST

दुनियाभर में रह रोज हजारों टन खाने की बर्बादी होती है. हमारा देश में इसमें पीछे नहीं हैं. शादी-विवाह और पार्टियों में हर रोज हजारों लोगों के पेट भरने लायक खाना फेंक दिया जाता है. ऐसे में मोदी सरकार ने खाने की बर्बादी को रोकने की पहल कर रही है. इसके लिए मोदी सरकार ने एक नई योजना बनाई है. जिसके तहत खाने की बर्बादी को रोका जा सकेगा.

दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार (FSSAI) ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और रेस्टोरंट में खाने की बर्बादी रोकने और भोजन दान करने को प्रोत्साहित करने के लिए नियम तैयार किए हैं.खाद्य नियामक ने इसके लिए एक नियम बनाया है. जिसके तहत भारत में खाद्य पदार्थ दान देने को वैध माना जाए. बता दें कि इन नियमों का उद्देश्य उन संगठनों और व्यक्तियों को संरक्षा प्रदान करने का है जो एक समान राष्ट्रीय नियमन स्थापित करने और सद्भाव के साथ भोजन दान करते हैं.

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार का यह कदम जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरण के लिए गैर-लाभकारी संगठनों को भोजन और किराना उत्पादों को दान करने को प्रोत्साहित करने का प्रयास है. यह नियम अगले साल एक जुलाई से लागू किया जाएगा.

FSSAI के मुताबिक, भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा भोजन उत्पादक देश है, लेकिन वैश्विक भूख सूचकांक 2014 में, भारत दुनिया के 119 सबसे ज्यादा भूख पीड़ित देशों की सूची में 103 वें स्थान पर रहा है. कुछ प्रोटोकॉल के चलते, खाद्य कारोबारी जल्दी खराब होने वाले भोज्य पदार्थो को नष्ट कर देते हैं. भोजन की बर्बादी को रोकना और अधिशेष भोजन के वितरण को प्रोत्साहन दिया जाना एक वैश्विक चिंता का विषय है.

FSSAI ने ‘फूड रिकवरी इकोसिस्टम’ बनाने के लिए ‘भोजन बचाओ, भोजन बांटो खुशियां बांटो' नाम से एक अभियान की शुरूआत की है. जिसका उद्देश्य भोजन बनाने वाली कंपनियों, अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों और लाभार्थियों के बीच दूरी को खत्म करना है. बयान में कहा गया है कि अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों के लिए भोजन लाइसेंस पोर्टल पर FSSAI के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.

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First published: 27 August 2019, 15:55 IST
 
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