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विवादित मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक पर लग सकता है बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2016, 10:51 IST
(एजेंसी)

विवादित इस्लामिक विचारक जाकिर नाइक पर केंद्र सरकार सख्त एक्शन ले सकती है. खबरों के मुताबिक जाकिर नाइक के विचारों से ढाका हमले में मारे गए आतंकी प्रभावित थे.

इस मामले में बुधवार को केंद्र सरकार ने संकेत दिया कि वह मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है.

ऐसा कहा जा रहा है कि एक जुलाई को ढाका के होली आर्टिसन बेकरी हमले में 20 लोगों की हत्या करने वाले आतंकी नाइक के उपदेशों से प्रभावित थे.

इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा, "यह कानून और इससे जुड़ी एजेंसियों की उचित कार्रवाई का मामला है. आतंकवाद से जुड़े मामले में जो भी जरूरत होगी, हम हर सहायता मुहैया कराएंगे."

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार जाकिर पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है? रिजिजू ने कहा कि संभावित कार्रवाई की मंत्री स्तर से घोषणा करना बुद्धिमानी नहीं है.

मालूम हो कि मुंबई के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाइक पर अन्य धर्मों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर ब्रिटेन और कनाडा ने प्रतिबंध लगा रखा है.

बांग्लादेश सरकार ने बुधवार को भारत सरकार से आग्रह किया कि वो नाइक के भाषणों की जांच करे.

बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा था, "बांग्लादेश के मौलानाओं से कुछ शिकायतें मिली हैं कि नाइक के उपदेश कुरान के ज्ञान और हदीस के मुताबिक नहीं हैं. मैं भारत सरकार से यह अनुरोध करता हूं कि वह जाकिर नाइक के उपदेशों के संदर्भ की जांच करें."

शिवसेना ने की पाबंदी की मांग

वहीं दूसरी ओर शिवसेना ने केंद्र सरकार से जाकिर नाइक और उनके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पाबंदी लगाने की मांग की है. शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "हमने केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर देशहित में नाइक और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पाबंदी लगाने की मांग की है."

सावंत के मुताबिक, "देश की एकता के खिलाफ हिंसा फैलाने वाली भाषा बोलने वालों पर पाबंदी लगानी चाहिए. इस्लाम प्रेम व शांति सिखाता है लेकिन अब हर रोज हाई अलर्ट वाला दिन रहता है. मैं गृह मंत्री से अपील करता हूं कि कार्रवाई किए जाने की जरूरत है.

देश में नौजवान आईएसआईएस में कैसे शामिल होते हैं? हो सकता है कि हम कहीं नाकाम हो रहे हों. हमें हालात की गंभीरता को समझना चाहिए. कट्टरपंथी मन अब कोई भी कदम उठा सकता है. इस्लाम के नाम पर वे ऐसे लोगों को मौत के घाट उतार रहे हैं, जो आयतें नहीं सुना पा रहे."

जाकिर नाइक से जुड़े विवाद पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "अगर कोई प्लेटफॉर्म (चैनल) प्रोग्राम कोड का उल्लंघन करता रहा है और कथित तौर पर भड़काऊ चीजें दिखा रहा है, तो मुझे हैरत है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अब तक चुप्पी क्यों साध रखी है?"

मनीष तिवारी ने साथ ही कहा, "यह इस मंत्रालय के पिछले मंत्री की अक्षमता का एक और उदाहरण है. अगर किसी कथित भड़काऊ बयान और एक हिंसक कृत्य के बीच रिश्ता है, तो निश्चित तौर पर इसमें कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए."

First published: 7 July 2016, 10:51 IST
 
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