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मोदी सरकार की नई योजना, 31 मार्च तक करो 'ब्लैक' को व्हाइट

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एजेंसी)

मोदी सरकार ने काला धन रखने वालों को एक आखिरी मौका देने का फैसला किया है. इसके तहत काला धन रखने वाले नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो चुके नोटों के रूप में जमा कराई गई राशि पर 50 फीसदी टैक्स, जुर्माना देकर उस धन को वैध बना सकते हैं.

केंद्र सरकार की काले को सफेद करने की यह योजना अगले साल 31 मार्च तक लागू रहेगी. इस मामले में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि यह नई योजना (पीएमजीकेवाई) शनिवार (17 दिसंबर) से शुरू हो रही है, जिसके तहत कर चोरी करने वालों को गोपनीयता और अभियोजन से छूट की पेशकश की गई है.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा कराई गई राशि के बारे में यदि सरकार को जानकारी नहीं दी गई तो ऐसे लोगों को कड़े जुर्माने के साथ-साथ सजा भी होगी.

मोदी सरकार ने बीते 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की, जिसके तहत पुराने 1000 और 500 रुपये के नोटों को किसी भी प्रकार के विनिमय लिए चलन से बाहर कर दिया गया.

राजस्व सचिव अधिया ने कहा कि नई घोषित योजना के तहत कालेधन की घोषणा नहीं कर बाद में आयकर रिटर्न में उसे आय के रूप में दिखाने पर कुल मिलाकर 77.25 फीसदी तक का जुर्माना और कर देना होगा.

यही नहीं अगर किसी ने इस योजना के तहत और उसके बाद रिटर्न में भी इस तरह के धन का खुलासा नहीं किया तो कर पर 10 फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भी लगेगा साथ ही मुकदमा भी चलाया जाएगा.

यह घोषणा योजना कराधान नियम (दूसरा संशोधन) कानून, 2016 का हिस्सा है जिसे लोकसभा ने इसी महीने मंजूरी दी और राष्ट्रपति ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है.

अधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) 17 दिसबर को शुरू होगी और इसके तहत 31 मार्च 2017 तक काले धन की घोषणाएं की जा सकेंगी.

उन्होंने कहा, "शनिवार, 17 दिसंबर से ज्यादातर बैंकों में पीएमजीकेवाई योजना का लाभ लेने हेतु कर जमा कराने का चालान उपलब्ध होगा. इसमें 50 फीसदी कर, जुर्माने का भुगतान और अघोषित राशि के 25 फीसदी हिस्से को चार साल के लिए अलग रखा जायेगा. इन्हीं शर्तों पर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकेगा."

इसके साथ ही अधिया ने दोहराया कि केवल बैंकों में नकदी जमा करवाकर कालेधन को वैध नहीं किया जा सकता, इसके लिए बाकायदा कर चुकाना ही होगा. योजना के तहत इस तरह के धन पर पहले कर चुकाने होंगे और कर भुगतान प्राप्ति के आधार पर ही योजना का लाभ लिया जा सकेगा.

इस योजना के तहत किसी भी तरह के काले धन के खुलासे को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा और अघोषित राशि को वर्ष की आयकर रिटर्न में नहीं दिखाना होगा. सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि कर विभाग की सभी संदिग्ध गतिविधियों पर निगाह है.

सरकारी स्कीम

-सरकार को ईमेल भेजकर दें कालेधन की सूचना-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अधिसूचना जारी

क्या है पीएमजीकेवाइ?

-कोई भी व्यक्ति बैंक या डाकघर खाते में जमा अघोषित धनराशि का खुलासा कर सकता है.

-अघोषित का 33 प्रतिशत टैक्स और 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा जबकि कर राशि का 33 फीसद सेस देना होगा.

-योजना के तहत जमाराशि में से 25 प्रतिशत वह व्यक्ति निकाल सकेगा.

-शेष 25 प्रतिशत राशि चार साल के लिए जमा करनी होगी, जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा.

First published: 17 December 2016, 9:43 IST
 
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