Home » इंडिया » Monsoon session: Agriculture bill introduced in Rajya Sabha amidst uproar
 

Monsoon Session : हंगामे के बीच राज्यसभा में सरकार ने पेश किया कृषि विधेयक, पढ़िए किसने क्या कहा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 September 2020, 11:49 IST

MOnsoon Session 2020: संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन, राज्यसभा ने व्यापक विरोध के बीच लोकसभा में पारित विवादास्पद कृषि बिलों पर चर्चा हुई हुई. सूत्रों ने संकेत दिया है कि यह सत्र बुधवार को समाप्त हो सकता है. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 प्रस्तुत किया.

उन्होंने कहा ' ये दोनों बिल ऐतिहासिक हैं और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं. इस बिल के माध्यम से किसान अपनी फसल किसी भी जगह पर मनचाही कीमत पर बेचने के लिए आजाद होगा. इन विधेयकों से किसानों को महंगी फसलें उगाने का अवसर मिलेगा''. तोमर ने तोमर ने कहा कहा ''यह विधेयक इस बात का भी प्रावधान करते हैं कि बुआई के समय ही जो करार होगा उसमें ही कीमत का आश्वासन किसान को मिल जाए. किसान की संरक्षण हो सके और किसान की भूमि के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसका प्रावधान भी इन विधेयकों में किया गया है''.


राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर BJP सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा ''देश को जब आजादी मिली थी तब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आय का अनुपात 2:1 था. आपकी पार्टी जो नीतियां लेकर आई दुर्भाग्य से आज आय का अनुपात 7:1 हो गया है. ये ग्रामीण आय क्यों कम हुई है इसका जबाव दो आप.'' 

वाईएसआरसीपी के सांसद वीवी रेड्डी के एक बयान के बाद राज्यसभा में कांग्रेस ने हंगामा किया. रेड्डी ने राज्यसभा में कहा कि "कांग्रेस के पास इन विधेयकों का विरोध करने का कोई कारण नहीं है. कांग्रेस बिचौलियों की पार्टी है." कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने उनसे माफी की मांग की.

राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर TMC सांसद डेरेक ओ' ने कहा ''ब्रायनआपने कहा था कि किसानों की आय 2022 तक डबल हो जाएगी. पर अभी वर्तमान में जो रेट चल रहा है उसके हिसाब से किसान की आय 2028 तक डबल नहीं हो सकती. मैं भी बड़ी बातें कर सकता हूं.''

राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा ''क्या यह उचित नहीं होगा पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में कि देश की 7 फीसदी लोगों को रोजी-रोटी देने वाले सेक्टर के बारे में जब आप बिल लाएं तो विपक्ष के नेताओं से भी बात करें और देश के तमाम संगठनों से बात करें''.

भारत ने नेपाल को सौंपी को आधुनिक रेलगाड़ियां, कोरोना के बीच देखने के लिए जमा हुए हजारों लोग

First published: 20 September 2020, 11:28 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी