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Monsoon session: भारी हंगामे बीच राज्यसभा में पास हुआ कृषि बिल, सरकार ने कांग्रेस पर लगाए ये आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 September 2020, 15:50 IST

Monsoon session : राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पारित किया गया है. इस दौरान राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में नारे लगाए, जिसके बाद राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा. कृषि बिलों पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा ''70 साल से जिस तरीके से किसानों के साथ अन्याय हो रहा था, शोषण हो रहा था, उनको आजादी दिलाने का काम सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ''आज राज्यसभा में दो ऐतिहासिक कृषि विधेयकों के पारित होने के साथ, भारत ने 'आत्मनिर्भर कृषि' की मजबूत नींव रखी है''.

उन्होंने कहा ''जो पार्टियां बार-बार सभ्यता की बात करती हैं उन्होंने सभ्यता को ताक में रख कर जिस तरीके का कार्य किया है ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदनीय है. चेयरमैन साहब इसका नोट लेंगे और इस पर एक्शन भी लेंगे''. नड्डा ने कहा ''राज्यसभा में जो भी हुआ (विपक्ष द्वारा हंगामा) मैं उसकी निंदा करता हूं. जो पार्टियां किसान विरोधी हैं उन्होंने आज इस तरह का प्रयास करके प्रजातंत्र पर बहुत बड़ा कुठाराघात किया है. उनको प्रजातंत्र पर भी विश्वास नहीं है इसलिए उन्होंने इस तरह से प्रयास किया था.'' केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा राज्यसभा में चर्चा ठीक हो रही थी, बिल बहुमत से पास होने वाले थे. जब कांग्रेस को लगा कि वो बहुमत में नहीं है तो वो गुंडागर्दी पर उतर आए. आज कांग्रेस ने आपातकाल के बाद फिर एक बार ये सिद्ध कर दिया कि इस कांग्रेस का भी लोकतंत्र और प्रजातंत्र पर भरोसा नहीं है.''


राज्यसभा में MP अहमद पटेल ने कहा ''(भाजपा) वैसे तो पढ़ने लिखने में थोड़ा कम ही ये लोग जानते हैं लेकिन पहली बार घोषणापत्र में दिन और रात एक करके उसमें से कुछ चीज निकाली और अपने अध्यादेश से तुलना की कोशिश की. हमारा घोषणापत्र घोड़ा है लेकिन गधे के साथ इन्होंने तुलना करने की कोशिश की.'' राज्यसभा में शिवसेना MP संजय राउत ''प्रधानमंत्री ने कृषि बिल के बारे में कहा कि ये किसानों के लिए नई क्रांति है नई आज़ादी है. MSP और सहकारी खरीद की व्यवस्था खत्म नहीं की जाएगी, ये सिर्फ अफवाह है. तो क्या अकाली दल के एक मंत्री ने अफवाह पर भरोसा रखकर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया''.

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First published: 20 September 2020, 15:48 IST
 
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