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पंजाब में पिछले दो हफ्तों में 1200 से ज्यादा पराली जलाने के मामले, दिल्ली वालों के लिए जान की आफत

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2020, 9:04 IST

Stubble Burning: पंजाब (Punjab) में हर बार की तरह इस बार भी किसान धान की कटाई के बाद बड़ी मात्रा में पराली (Stubble Burning) जलाने की शुरुआत कर चुके हैं. दिल्‍ली समेत उत्तर भारत के अन्‍य राज्‍यों में इससे वायु प्रदूषण का स्‍तर बढ़ने लगा है. आलम यह है कि पिछले दो हफ्तों में ही पंजाब में पराली जलाने के 1200 से ज्यादा मामले सामने आ गए.

21 सितंबर से इस साल धान की कटाई शुरु हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद पहले दो हफ्तों में पराली जलाने के 1,206 मामले सरकारी रिकॉर्ड में सामने आए हैं. आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि पिछले साल इस अवधि में ऐसे मामलों मात्र 264 थे. यानि इस साल पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने के लगभग पांच गुना अधिक मामले सामने आए हैं.

इसे लेकर अब अफसरों के बीच चिंता जाहिर हो रही है. पूरे पंजाब में पराली जलाने की कुल घटनाओं में अकेले 50 फीसदी मामले यानि लगभग 600 से ज्यादा मामले राजधानी अमृतसर से ही सामने आए हैं. अमृतसर में 686 मामले दर्ज किए गए. इसके बाद तरनतारन में 259 मामले, गुरदासपुर में 50 मामले और पटियाला में 60 मामले सामने आए.

कृषि विभाग के अफसर के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में राज्य एजेंसियों ने इस साल काफी कड़े कदम उठाए, इसके बाद भी मामले बढ़ रहे हैं. अफसर ने बताया कि उम्मीद है कि कड़े कानून से पराली जलाने की घटनाओं पर काबू पाया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि जिन जिलों में धान की शुरुआती किस्मों की बुवाई हुई, वहां पराली जलाने के अधिकांश मामले दर्ज किए गए. अफसर ने मामलों में बढ़ोतरी को शुरुआती फसल के लिए जिम्मेदार बताया.

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राज्य सरकार ने धान उगाने वाले गांवों में पराली जलाने को रोकने और सतर्कता बरतने के लिए 8,000 नोडल अधिकारियों को अधिकृत किया है. पूरे पंजाब में लगभग 10,500 गांव हैं. इस साल लगभग पूरे राज्य में 66 लाख एकड़ से अधिक धान की पैदावर हुई है. इसमें से 17.5 लाख एकड़ सुगंधित बासमती धान की है.

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की तरफ से इस साल 350 किसानों को पराली जलाते पकड़ा गया है. इन किसानों पर कुल 9.3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है. वहीं अन्य 98 मामलों में उल्लंघनकर्ताओं की पहचान करने की खोज हो रही है. बोर्ड के सदस्य ने कहा, "यह सीजन की शुरुआत है और वास्तविक रुझान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक सामने आएंगे. जब हम सीजन के बीच में होंगे."

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First published: 6 October 2020, 8:48 IST
 
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