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भुजबल की नीलामी और शरद पवार की बेरुखी

अश्विन अघोर | Updated on: 8 April 2016, 8:05 IST
QUICK PILL
  • राष्ट्र्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कद्दावर नेता छगन भुजबल की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने ही वाली है. भुजबल और उनका भतीजा फिलहाल मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं. इस बीच भारतीय स्टेट बैंक की नासिक शाखा ने दोनों को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है.
  • महाराष्ट्र की राजनीति में कभी कद्दावर शख्स रहे भुजबल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नोटिस से बड़ा झटका लगा है. भुजबल राज्य के पहले ऐसे नेता हैं जिनकी संपत्ति को नीलाम किए जाने का नोटिस जारी किया गया है.

राष्ट्र्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कद्दावर नेता छगन भुजबल की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने ही वाली है. भुजबल और उनका भतीजा फिलहाल मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं. इस बीच भारतीय स्टेट बैंक की नासिक शाखा ने दोनों को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. इसके साथ ही भुजबल परिवार के कंपनी की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

पिछले महीने बैंक ने कंपनी की संपत्ति जब्त कर ली थी ताकि 6 करोड़ रुपये के कर्ज को ब्याज के साथ वसूला जा सके. बैंक ने नीलामी को लेकर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर दिया है.

इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो और ईडी ने भुजबल परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया था. हालांकि अभी तक इसमें से किसी भी संपत्ति की नीलामी नहीं की जा सकी है.

एनसीपी ने छोड़ा साथ

महाराष्ट्र की राजनीति में कभी कद्दावर शख्स रहे भुजबल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नोटिस से बड़ा झटका लगा है. भुजबल राज्य के पहले ऐसे नेता हैं जिनकी संपत्ति को नीलाम किए जाने का नोटिस जारी किया गया है.

वहीं एनसीपी ने इस पूरे मामले में खुद को अलग कर लिया है. कभी शरद यादव के वफादार और भरोसेमंद रहे भुजबल इस बार अकेले पड़ते दिखाई दे रहे हैं. ऐसा लगता है कि शरद पवार ने पूरे मामले में दूरी बना ली है. हालांकि भुजबल परिवार उनसे मदद की गुहार लगा चुका है.

भुजबल राज्य के पहले ऐसे नेता हैं जिनकी संपत्ति को नीलाम किए जाने का नोटिस जारी किया गया है

भुजबल परिवार को करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने से झटका लगा है. एसबीआई की तरफ से नीलामी के नोटिस ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. भुजबल परिवार के पास कर्ज चुकाने के लिए महज 30 दिनों का समय बचा है.

एसबीआई का मामला

भुजबल के बेटे पंकज और भतीजे समीर ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नासिक शाखा से ऑर्मस्ट्रॉन्ग एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर 6 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. कंपनी नासिक जिले के शिलापुर गांव में स्थित है.

पंकज और समीर ने इस लोन की गारंटी दी थी. वहीं कॉरपोरेट गांरटी रुबेरेक्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने दी थी.

बैंक ने कंपनी को नोटिस जारी करते हुए ब्याज और बैंक शुल्क के साथ कर्ज को 30 अप्रैल 2015 तक चुकाने का आदेश दिया था. हालांकि लगातार नोटिस के बावजूद कंपनी ने कर्ज की रकम का भुगतान नहीं किया.

मजबूरी में बैंक को बकाया रकम की वसूली के लिए कंपनी की संपत्तियों को जब्त करना पड़ा. बैंक ने 30 मार्च 2016 को संपत्ति जब्त की और फिर एक अप्रैल को रूबरेक्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई हुई.

एसबीआई के अधिकारियों ने सामान्य नागिरकों को संबंधित संपत्तियों से जुड़े लेन-देन से दूर रहने के लिए कहा है.

ट्र्रैक रिकॉर्ड

भुजबल ने 2009 में नासिक से 15 किलोमीटर दूर ऑर्मस्ट्रॉन्ग एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी. बायोमास का यह संयंत्र समीर और पंकज के नाम पर है. कंपनी का नाम ऑर्मस्ट्रॉन्ग रखा गया क्योंकि यह हिंदी में भुजबल के नाम का अंग्रेजी अनुवाद है.

इस संयंत्र से 6 मेगावॉट बिजली बनाई जानी थी लेकिन स्थापना के बाद से ही यह कंपनी बेकार पड़ी हुई है. भुजगल ने नासिक डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक से 11 करोड़ रुपये के कर्ज का भी भुगतान नहीं किया. यह लोन संयंत्र को चलाने के लिए लिया गया था. भुजबल ने इस कर्ज का एक पैसा भी नहीं लौटाया.

भुजबल के राजनीतिक कद को देखते हुए बैंक अधिकारी भी कर्ज वसूलने की हिम्मत नहीं जुटा सके. भुजबल परिवार के पास नासिक में बड़ी संपत्ति है.

First published: 8 April 2016, 8:05 IST
 
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