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कैब ड्राइवर ने नहीं रखा था कंडोम, ट्रैफिक पुलिस ने काट दिया भारी-भरकम चालान !

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 September 2019, 17:24 IST

देश में 1 सितंबर से लागू हुए मोटर व्हीकल एक्ट ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों के भारी-भरकम चालान कटने की खबरें सुर्खियों में हैं. कहीं 6 लाख का चालान कट गया तो कहीं किसी का 3 लाख का चालान कट गया. नई खरीदी स्कूटी का 1 लाख का चालान कट गया, लेकिन अगर आपके पास कंडोम नहीं है तो भी आपका भारी-भरकम चालान कट सकता है.

जी हां, सही पढ़ा आपने. दिल्ली में एक कैब ड्राइवर का चालान इसलिए कट गया क्योंकि उसने अपने फर्स्ट ऐड बॉक्स में कंडोम नहीं रखा था. दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर कैब ड्राइवर धर्मेंद को एक ट्रैफिक पुलिस वाले ने जब रोका तो उनके पास सारे कागजात मौजूद थे. इसके बाद पुलिस ने उनका फर्स्ट ऐड बॉक्स देखा तो उसमे कॉन्डम नहीं था.

ट्रैफिक पुलिस ने इस बात पर ड्राइवर का चालान काट दिया. हालांकि जब ड्राइवर को चालान की रसीद मिली तो उसमे कंडोम न होने का जिक्र नहीं था बल्कि ओवर स्पीड बताया गया था. इसके बाद कैब ड्राइवर्स में इस बात की अफवाह चल पड़ी है कि अगर कंडोम लेकर नहीं चला तो चालान कट जाएगा. अब कैब ड्राइवर अपने पास कंडोम रखकर चल रहे हैं.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सचिन, रमेश और राजेश नामक कैब ड्राइवर्स ने बताया, "कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित सेक्स के लिए किया जाता है. अगर कार में प्रेशर पाइप फट जाता है, तो कंडोम कुछ समय के लिए रिसाव को रोक सकता है. अगर यदि बारिश होती है, तो यह जूते को कवर कर सकता है. चोट लगने की स्थिति में रक्त-रोधी हो सकता है. ट्रैफिक पुलिस को कंडोम का उपयोग नहीं पता. इसके बारे में बात करने पर वह हंसने लगते हैं."

क्या है नियम? 

ट्रैफिक पुलिस अफसरों का कहना है कि कैब ड्राइवर्स का कंडोम रखकर चलने का कोई नियम नहीं है. अफसरों ने कहा कि अगर किसी कैब ड्राइवर का इस तरह चालान कटता है तो वह इसकी शिकायत अथॉरिटी से कर सकता है. दिल्ली मोटर व्‍हीकल एक्‍ट-1993 और सेंट्रल मोटर व्‍हीकल एक्‍ट-1989 में भी ऐसा कोई जिक्र नहीं है.

दूसरी तरफ, कहा जा रहा है कि सार्वजनिक वाहनों के लिए हर टाइम कम से कम तीन कंडोम लेकर चलना जरूरी है. इसका इस्तेमाल चोट लगने पर किया जाता है. किसी भी हादसे के समय कंडोम खून का प्रवाह रोकने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होता है. ब्लीडिंग को कंडोम के जरिए रोका जा सकता है. फ्रैक्चर होने की स्थिति में उस जगह पर कंडोम बांधा जा सकती है, जिसे घायल को अस्पताल पहुंचाया जा सके.

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First published: 21 September 2019, 17:10 IST
 
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