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शिवराज की 'जननी' एक्सप्रेस में जंग: 6 किलोमीटर चलकर गर्भवती महिला पहुंची अस्पताल

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2016, 14:10 IST

ओडिशा से आई दो तस्वीरों ने देश में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत से एक बार फिर पर्दा उठा दिया. अब मध्य प्रदेश से एक शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. मामला छतरपुर जिले का है.

कहने को तो एमपी में शिवराज सिंह चौहान की सरकार जननी एक्सप्रेस योजना चला रही है. लेकिन जनता को इसका कितना फायदा पहुंच रहा है, इसकी सच्चाई उजागर हुई है छतरपुर जिले में. 

छतरपुर के बड़ामलहरा ब्लॉक का मामला

मामला छतरपुर जिले के बड़ामलहरा ब्लॉक का है. जहां वक्त पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक महिला छह किलोमीटर पैदल चलकर इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंची.

बड़ामलहरा ब्लॉक के सिमरिया गांव के समरेठा मजरा में एक गर्भवती महिला बहुत ही मुश्किल हालात से गुजरना पड़ा. यहां संध्या यादव नाम की एक गर्भवती महिला को प्रसव वेदना होने लगी.

जाहिए है ऐसे वक्त में सबसे पहले उसे अस्पताल पहुंचाना जरूरी थी. एक आशा कार्यकर्ता ने जब जननी एक्सप्रेस यानी एंबुलेंस को मौके पर बुलाने की कोशिश की. बार-बार कॉल करने के बावजूद भी जननी एक्सप्रेस मदद के लिए नहीं पहुंची. 

पानी-कीचड़ भरे खेतों को किया पार

मजबूरन गर्भवती संध्या को उसके परिजन पैदल ही लेकर छह किलोमीटर तक पानी और कीचड़ से भरे खेतों को पार करते रहे. जैसे-तैसे जब वह खेतों से होते हुए सड़क तक पहुंचे.

इसके बाद आशा कार्यकर्ता और पति ने मिलकर टैक्सी निकाली और फिर उसे लेकर घुवारा स्वास्थ्य केंद्र गए, जहां पर आखिरकार दर्द से कराहती संध्या ने एक बच्चे को जन्म दिया. 

'चारपाई से भी ले जाते हैं'

यह पहला मौका नहीं है, जब इलाके में किसी गर्भवती महिला को ऐसे हालात का सामना करना पड़ा है. इलाके के लोग कहते हैं कि अक्सर मरीज को मुख्य मार्ग तक लाने के लिए उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ती है.

तकरीबन छह किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचने वाली संध्या का कहना है, "ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. गांव में कई बार ऐसा हो चुका है. मैं बहुत दर्द में थी. अक्सर ऐसा होता है. गांव के लोग महिलाओं को चारपाई पर लेकर जाते हैं."

'ड्राइवर ने कहा आधे घंटे लगेंगे'

आशा कार्यकर्ता का कहना है, "मैंने एक एंबुलेंस को फोन किया. उसके ड्राइवर ने कहा कि आधे घंटे लगेंगे. अस्पताल आठ किलोमीटर दूर था. हम छह किलोमीटर तक पैदल चले."

आशा कार्यकर्ता ने बताया, "फिर हमें एक ऑटो मिला, लेकिन वह भी तालाब में फंस गया. फिर हम किसी तरह तालाब से निकले."

जननी एक्सप्रेस का ड्राइवर सस्पेंड

गर्भवती महिला संध्या के पति का कहना है, "हमारे गांव का संपर्क मार्ग बहुत खराब है. सड़कें बहुत ही जर्जर हालत में हैं. मैंने ऑटो को तालाब से खींचा और फिर अपनी पत्नी को स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया."

इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. छतरपुर में जननी एक्सप्रेस योजना के इंचार्ज रितुजीत सिंह ने कहा, "मैंने एंबुलेंस के ड्राइवर को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है."

कार्रवाई करके प्रशासन भले ही अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ले, लेकिन इस घटना से मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्याह सच एक बार फिर उजागर हुआ है.

First published: 27 August 2016, 14:10 IST
 
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