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मध्यप्रदेश में फिर किसानों पर बर्बरता, टीकमगढ़ बंद

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2017, 10:36 IST

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में किसानों के साथ पुलिसिया आतंक की शर्मनाक बर्बरता सामने आई है. यहां विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने कपड़े उतरवाकर एक हवालात में बंद कर दिया था. इस घटना के विरोध में आधे दिन टीकमगढ़ शहर बंद रहा. किसानों पर पुलिस की इस बर्बरता की चौतरफा निंदा हो रही है, वहीं सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.

 यह विवाद कांग्रेस के 'खेत बचाओ, किसान बचाओ आंदोलन' में किसानों के हिस्सा लेने पर शुरू हुआ. बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंचे थे. इसी दौरान किसानों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और जमकर पथराव भी हुआ. किसानों के मुताबिक, वे आंदोलन में हिस्सा लेने के बाद ट्रैक्टर से अपने गांव लौट रहे थे, तभी उन्हें देहात थाने की पुलिस ने रोका और हवालात में बंद कर पीटा और कपड़े उतरवा लिए.

वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाका ने कहा कि पुलिस ने एक हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ अशांति फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है और किसानों को थाने के लॉकअप में बंद किए जाने की जांच हो रही है. बहरहाल, टीकमगढ़ की घटना ने राज्य के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है. तमाम विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया. साथ ही मुख्यमंत्री चौहान से इस्तीफा भी मांगा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि टीकमगढ़ में वाजिब मांगों के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई निंदनीय है, सरकार लगातार किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. किसानों को बिना कपड़ों के पुलिस लॉकअप में बंद करना शर्मनाक है.

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कमलनाथ ने मुख्यमंत्री चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान पुत्र की सरकार में मंदसौर कांड के जख्म अभी सूखे नहीं और अब टीकमगढ़ में किसानों पर बर्बरता की गई. शिवराज ने दमन के मामले में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया है.

 

First published: 5 October 2017, 10:36 IST
 
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