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भोपाल: आतंकी बताकर पत्रकारों की पिटाई पर तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2016, 13:24 IST
(ट्विटर)

मध्य प्रदेश की भोपाल पुलिस पर एक दैनिक अखबार के दो पत्रकारों की बर्बर पिटाई का आरोप है. पिटाई से बुरी तरह घायल दोनों पत्रकार अस्पताल में भर्ती हैं.

पूरा मामला सोमवार रात का है. जब तकरीबन दो बजे जब हिंदी दैनिक अखबार के दो वरिष्‍ठ पत्रकार विजय प्रभात शुक्‍ल और कृष्‍ण मोहन तिवारी काम खत्‍म करने के बाद ऑफिस से घर जा रहे थे.

इसी दौरान अवधपुरी इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसकर्मियों ने उनकी मोटर साइकिल को रोक लिया. आरोप है कि शराब के नशे में धुत पुलिसवालों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी.

जब उन्होंने कहा कि वह एक अखबार में काम करते हैं और काम खत्‍म करने के बाद ऑफिस से जा रहे हैं तो पुलिसवालों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया.

पत्रकारों का आरोप है कि उन्‍होंने पुलिस को अपने ऑफिस का पहचान पत्र भी दिखाया, जिसे पुलिसवालों ने सड़क पर फेंक दिया. उसके बाद वे उनके साथ बदसलूकी करने लगे.

सिमी का आतंकी बताकर पिटाई

इस दौरान गालियां देते हुए उन्हें सिमी का आतंकवादी कहा और एनकाउंटर की धमकी देने लगे. पुलिसवालों ने उनसे यह भी कहा कि तुम लोग एटीएम लूटने जा रहे हो.

उसके बाद पुलिसवाले उन्‍हें जबरन थाने ले गए और सुबह तकरीबन पांच बजे तक वहां रखा. इस दौरान उनकी पिटाई भी की गई, जिसके चलते दोनों पत्रकारों को चोटें आई हैं.

भद्दी गालियां देने का आरोप

सुबह तकरीबन 11 बजे जब भोपाल (दक्षिण) के एसपी अंशुमान सिंह के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्‍होंने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसवालों एएसआई रघुबीर सिंह दांगी, हेड कांस्‍टेबल सुभाष त्‍यागी और संतोष यादव को निलंबित कर दिया.

इसके साथ ही सीएसपी गोविंदपुरा अजय सिंह को तीन दिन के भीतर मामले की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है. घायल पत्रकारों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है.

इस बीच दैनिक अखबार के प्रतिनिधि का कहना है कि मामले से संबंधित पुलिसवालों की ज्‍यादती और गालियों वाला ऑडियो उनके पास उपलब्‍ध है. इसकी जांच करने के बाद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

First published: 6 July 2016, 13:24 IST
 
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