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एमपी: तबादले पर आईएएस गंगवार बोले, नेहरू की तारीफ वैचारिक मुद्दा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2016, 13:26 IST
(फेसबुक)

मध्य प्रदेश में एक आईएएस अफसर के फेसबुक पोस्ट पर मचे विवाद ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है. दरअसल बड़वानी जिले के कलेक्टर अजय गंगवार ने फेसबुक पर पूर्व पीएम नेहरू की तारीफ की थी. 

गंगवार की टिप्पणी पर विवाद के बाद राज्य सरकार ने उनका तबादला कर दिया. अब गंगवार सरकार के इस कदम से नाराज बताए जा रहे हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में गंगवार ने कहा कि तबादला करना सरकार का विशेषाधिकार है, लेकिन यह मामला 'विचारधारा' से जुड़ा हुआ है.

जिला कलेक्टर के रूप में पहली स्वत्रंत पोस्टिंग के नौ महीने बाद तबादला कर दिए गए आईएएस अफसर अजय गंगवार ने कहा कि महापुरुषों की तारीफ करना अपराध नहीं है.

'नई पीढ़ी को जानने का हक'

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में गंगवार ने कहा, "मेरे ख्याल से यह विचारधारा का मामला है. वो कुछ महापुरुषों को प्रचारित कर रहे है, जबकि मैं किसी और की (नेहरू) तारीफ कर रहा हूं. नयी पीढ़ी को इतिहास की जानकारी देने में गलत क्या है, जो उनके योगदान के बारे अनभिज्ञ है और उनके बारे में एक गलत धारणा बना रहे हैं."

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कलेक्टर पद से अचानक हटाए जाने के बाद अपना दर्द बयां करते हुए अजय गंगवार ने कहा कि इस फैसले के पहले एक बार उनसे पूछा जाता तो ठीक रहता. उन्होंने कहा कि अगर अब भी जवाब मांगा जाएगा, तो वो निश्चित रूप से अपना पक्ष रखेंगे.

महत्वहीन विभाग में तैनाती

अपने फेसबुक पोस्ट में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की तारीफ करने के चंद दिनों के अंदर बड़वानी कलेक्टर अजय गंगवार को महत्वहीन विभाग में तैनाती दे दी गई. उन्हें भोपाल सचिवालय में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.

अतीत में अजय गंगवार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के विशेष सहायक के तौर पर भी काम कर चुके हैं. गंगवार ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि नेहरू ने आजादी के बाद देश को हिंदू तालिबान बनने से रोका था.

अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए गंगवार ने कहा, "संवैधानिक संस्थानों जैसे कि विधानसभा में देश को हिंदू राष्ट्र बनाने से रोकने पर चर्चा होती है. इसमें कुछ भी नया नहीं है, लेकिन लोगों को ये जानना जरूरी है."

पीएम मोदी के खिलाफ कमेंट!

अजय गंगवार ने 1989 में राज्य प्रशासनिक सेवा में नौकरी शुरू की थी. ऐसा बताया जाता है कि इस साल जनवरी में उन्होंने पीएम मोदी की आलोचना वाले एक लेख को लाइक करते हुए कमेंट किया था, "मोदी के खिलाफ लोगों की क्रांति (जनक्रांति) होनी चाहिए."

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अंग्रेजी अखबार ने इस पर जब गंगवार से सवाल पूछा तो उन्होंने अपना कमेंट होने से इनकार करते हुए कहा कि एक फेसबुक लाइक को उनके खिलाफ नहीं इस्तेमाल किया जा सकता. 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास ही सामान्य प्रशासन विभाग है. इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है, लेकिन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने गंगवार की टिप्पणी को राजनैतिक करार देते हुए आलोचना की थी.

सोशल मीडिया पॉलिसी नहीं

2005 बैच के प्रमोटेड आईएएस अफसर अजय गंगवार को अनुसूचित जाति विकास विभाग में भोपाल में उप सचिव के पद पर तैनात किया गया है. फेसबुक टिप्पणी के तीन दिन के अंदर उनका तबादला हो गया.

फेसबुक पोस्ट पर हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए गंगवार ने कहा, "विडंबना ये है कि केंद्र सरकार सोशल मीडिया के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है. किसी मुद्दे पर कमेंट करना अपराध नहीं है. ऐसी कोई नीति नहीं है, जो ये कहती हो कि सोशल मीडिया पर ऐसा कर सकते हैं या ऐसा नहीं कर सकते."

कार्रवाई को बताया उत्पीड़न

गंगवार के फेसबुक फ्रेंड और भोजन के अधिकार को लेकर अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सचिन जैन का कहना है कि गंगवार एक संवेदनशील और राजनैतिक चेतना से जुड़े हुए शख्स हैं. वो जाति और सांप्रदायिकता से जुड़े मुद्दों पर अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हैं.

बड़वानी में रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता माधुरी का कहना है कि गंगवार एक विनम्र, लो प्रोफाइल और आसानी से उपलब्ध अधिकारी हैं. उनके तबादले को माधुरी ने उत्पीड़न करार दिया है.

माधुरी ने कहा, "किसी ऐतिहासिक शख्सियत के बारे में अपने विचार व्यक्त करने में आखिर क्या बुराई है? उनका बहुत से लोग सम्मान करते हैं. ये उनका विचार है. अगर उनका सोचने का नजरिया आरएसएस के खिलाफ है, तो ये उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं हो सकता."

इससे पहले नरसिंहपुर के कलेक्टर सीबी चक्रबर्ती ने भी सोशल मीडिया पर तमिलनाडु में जयललिता की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए टिप्पणी की थी. इस मामले में राज्य सरकार ने उन्हें नोटिस देते हुए जवाब तलब किया था.

फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा था?

आईएएस अफसर अजय गंगवार का फेसबुक पोस्ट (फेसबुक)
First published: 28 May 2016, 13:26 IST
 
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