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उत्तर प्रदेश: कुनबे में सिमटे विपक्ष का संसद में कमजोर प्रदर्शन

आवेश तिवारी | Updated on: 9 March 2016, 19:34 IST

2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की विशाल 80 लोकसभा सीटों का आंकड़ा एकतरफा भाजपा के पक्ष में चला गया. विपक्ष के नाम पर कुल सात लोकसभा सदस्य बचे. इनमें से पांच समाजवादी पार्टी और दो कांग्रेस पार्टी के खाते में गई. दिलचस्प यह रहा कि ये सारी सीटें भी सिर्फ दो परिवारों के बीच सिमट गई. कांग्रेस की दो सीटें गांधी परिवार और सपा की पांच सीटें मुलायम सिंह के कुनबे में चली गईं. हालांकि मुलायम सिंह के पास इस गलती को सुधारने का एक अवसर था. उन्होंने आजमगढ़ की सीट अपने पास रखी और मैनपुरी संसदीय सीट से इस्तीफा देकर किसी पार्टी कार्यकर्ता को टिकट देने की बजाय अपने भतीजे अक्षय यादव को टिकट दिया.

खैर ये दोनो कुनबा (गांधी, मुलायम) लोकसभा में तो पहुंच गया पर वहां अपनी जिम्मेदारियां कितने अच्छे तरीके से निभा रहा है यह कहना थोड़ा मुश्किल है. न तो यह बहसों में हिस्सा लेता है, न ही शून्यकाल में प्रश्न पूछता है. स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 16 वीं लोकसभा में अब तक जनता के हित में एक भी सवाल नहीं पूछा है. जबकि मौदूदा लोकसभा अपने लगभग दो साल पूरे कर चुकी है.

उत्तर प्रदेश के विपक्षी सांसद सिर्फ दो परिवारों के बीच सिमट गए. कांग्रेस की दो सीटें गांधी परिवार और सपा की पांच सीटें मुलायम सिंह के कुनबे में


इन परिवारीजनों की लोकसभा में उपस्थिति भी अन्य सांसदों की अपेक्षा कम रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की धर्मपत्नी और कन्नौज से सांसद डिम्पल यादव संसद में उपस्थिति के मामले में सबसे पीछे हैं. डिम्पल यादव की लोकसभा सत्रों में उपस्थिति केवल 38 फीसदी रही है. उन्होंने भी अबी तक संसद में एक भी सवाल नहीं पूछा है. न ही किसी बहस में हिस्सा लिया है.

हालांकि मुलायम सिंह परिवार के ही एक अन्य संसद धर्मेंद्र यादव जो कि बंदायु से सांसद हैं, ने र्वाधिक सवाल पूछे हैं. धर्मेंद्र सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के भतीजे हैं. उन्होंने अब तक संसद में 450 सवाल पूछे हैं.

केवल 54 फीसदी उपस्थित रहे हैं राहुल

अगर 16 वीं लोकसभा में यूपी के सांसदों की उपस्थिति का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले सभी सात सांसद भाजपा से हैं. बार-बार सत्र के दौरान गायब रहने पर विपक्ष के आरोप झेल रहे राहुल गांधी उपस्थिति के मामले में अन्य सांसदों से काफी पीछे हैं. राहुल गांधी की संसद में केवल 54 फीसदी उपस्थिति रही हैं.

उपस्थिति के मामले में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का रिकॉर्ड बाकियों से बेहतर रहा है. अब तक संसद में उनकी उपस्थिति 84 फीसदी रही है. उन्होंने 24 फीसदी बहसों में भी हिस्सा लिया है. लेकिन जनहित का एक भी सवाल उन्होंने अभी तक नहीं किया है.

सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 16वीं लोकसभा में अब तक एक भी सवाल नहीं पूछा है


इसी तरह कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी संसद में उपस्थिति के मामले में तो थोड़ा बेेहतर दिखती हैं लेकिन जनता से जुड़े कोई सवाल उनके पास भी नहीं हैं. सोनिया गांधी की बहसों में हिस्सेदारी भी बहुत कम रही है. अब तक उन्होंने सिर्फ चार बहसों में हिस्सा लिया है. राहुल गांधी ने सिर्फ 9 बहस में हिस्सा लिया है.

धर्मेंद्र यादव को छोड़कर मुलायम सिंह के बाकी परिजनों का रिकॉर्ड भी लोकसभा में कमजोर है.

First published: 9 March 2016, 19:34 IST
 
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