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मुंबई हादसा: पुल में लगी थी जंग फिर भी नहीं कराया मरम्मत, BMC की लापरवाही घटना की वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 March 2019, 10:31 IST

मुंबई में गुरुवार देर शाम सीएसएटी रेलवे स्टेशन के पास एक फुटओवर ब्रिज ढह गया. इस हादसे में कई लोगों की मौत हो चुकी है. 36 लोग घायल हो गए हैं. हादसे में काफी लोग हताहत हुए हैं. इस हादसे को लेकर मुंबई के आजाद मैदान स्टेशन की पुलिस ने रेलवे और BMC अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हादसे की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस पुल का ऑडिट कुछ ही समय पहले हुआ था. बता दें कि ये पुल 1981 में बना था और तभी से BMC के इंजीनियर्स इसकी देखरेख करते थे.

पुल की ऑडिट के बाद BMC के अधिकारियों को पुल में कुछ सुधार के लिए कहा गया था, लेकिन ये सुधार अभी तक नहीं हुआ. इसलिए बीएमसी पर आरोप लगाया जा रहा है कि अगर पुल में सुधर कर लिया जाता, तो ये हादसा होने से बच सकता था. बताया जा रहा है कि पुल के गार्डर में जंग लग गई थी, इसलिए ये हादसा हुआ.

इस भयानक हादसे के बाद राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया है. ये हादसा ऐसे समय पर हुआ जब लोग ऑफिस से अपने घर लौटते हैं. पीक आवर्स होने के कारण ब्रिज पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

मुंबई में फुटओवर ब्रिज गिरने से 5 लोगों की मौत, 36 घायल

हादसे का शिकार हुए पांचों मृतक की पहचान हो चुकी है. पहचान किए गए मृतकों के नाम अपूर्वा प्रभु (35), रंजना काम्बले (45), जाहिद (32), भक्ति शिंदे (40), तापेंद्र सिंह (35) शामिल हैं. खबरों के अनुसार, अपूर्वा प्रभु और रंजना काम्बले जीटी अस्पताल में काम करती थीं.

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना दुख जताते हुए ट्वीट कर लिखा, "मुंबई में हुए ब्रिज हादसे के कारण हुई लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और मैं इस घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. महाराष्ट्र सरकार इस हादसे में हताहत सभी लोगों को हर संभव मदद दे रही है."

हादसे का शिकार हुए लोगों को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रूपए देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों का राज्य सरकार की ओर से मुफ्त में इलाज करवाया जाएगा.

वहीं, घायलों से मिलने के लिए गिरीश महाजन जीटी हॉस्पिटल पहुंचे. अस्पताल का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और विशेषज्ञ मौजूद है. साथ ही ब्लड बैंड में भी ब्लड पर्याप्त है.

मुंबई हादसे के समय अगर ना हुई होती 60 सेकेंड की रेड लाइट तो...

First published: 15 March 2019, 10:32 IST
 
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