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अब कंपनियों को नहीं मिल रहे मजदूर, फ्री प्लेन टिकट के बाद भी वापस लौटने को तैयार नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 July 2020, 17:00 IST

Coronavirus: कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद देश में जारी लॉकडाउन के दौरान देश भर से लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर बड़े शहरों को छोड़कर अपने गांवों को लौट आए हैं. इस दौरान मजदूरों को बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. कई मजदूरों ने अपनी जान भी गंवा दी थी. कई दिनों तक मजदूरों को भूखे रहना पड़ा था.

पुलिस की लाठियों का होना पड़ा था शिकार

इसके अलावा हजारों मजदूर पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े थे, रास्ते में उन्हें पुलिस की लाठियों का भी शिकार होने पड़ा था. हालांकि अब लॉकडाउन समाप्त हो गया है और फैक्ट्रियों में काम शुरू हो गया है. इसके बाद भी मजदूर वापस शहरों की तरफ लौटने को तैयार नहीं हैं. यहां तक कि कई फैक्ट्रियों के मालिक उन्हें फ्री एयर का टिकट देकर बुला रहे हैं, फिर भी मजदूर वापस लौटना नहीं चाहते.

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अनलॉक 1 और अनलॉक 2 के बाद कई कंपनियों ने अपने मजदूरों को बुलाना शुरू कर दिया है.  इकॉनमी धीमी रफ्तार के साथ पटरी पर लौटने लगी है. लेकिन अब कंपनियों को मजदूर नहीं मिल रहे हैं. कंपनियां मजदूरों को हवाई जहाज के फ्री टिकट के अलावा मेडिकल इंश्योरेंस भी दे रही है. इसके अलावा कंपनियां मजदूरों को पहले के ज्यादा पैसे भी देने को तैयार हैं.इन सबके बावजूद अब मजदूर शहर वापस लौटना नहीं चाहते हैं.

फ्री टिकट और हेल्थ बीमा पर भी वापस नहीं लौट रहे मजदूर

मुंबई के एक रियल एस्टेट डेवलपर ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को वह वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मजदूरों को हवाई टिकट के अलावा यह आश्वासन भी दिया जा रहा है कि उन्हें COVID-19 स्वास्थ्य बीमा और डॉक्टरों द्वारा साप्ताहिक चेकअप भी करवाया जाएगा. इतनी सुविधा के बावजूद भी मजदूर अब वापस आने को तैयार नहीं हैं.

एक बड़ी कंपनी के मालिक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने अपने श्रमिकों को पैसे देना जारी रखा था. लेकिन इसके बाद भी उनके 4,500 श्रमिकों में से सिर्फ 30 प्रतिशत ही काम पर लौटे हैं. मालिक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान हमने मजदूरों की देखभाल की थी. हमने उनके भोजन, सुरक्षा तथा स्वच्छता पर ध्यान दिया था.

कोरोना के बढ़ते केस भी मजदूरों के न लौटने के जिम्मेदार

हालांकि ऐसा नहीं है कि सारे मजदूर वापस नहीं लौटना चाहते हैं. लेकिन कुछ मजदूर चाहकर भी वापस नहीं आ पा रहे हैं. दरअसर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों अभी भी लोकल तथा मेट्रो ट्रेनें आम आदमी के लिए नहीं चल रही है. अभी सिर्फ जरूरी सेवा से जुड़े लोगों के लिए ही यातायात के साधन उपलब्ध हैं. ऐसे में मजदूर लौटने से झिझक रहे हैं. वहीं देश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते केस भी मजदूरों के न लौटने के जिम्मेदार हैं.

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First published: 26 July 2020, 16:57 IST
 
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