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डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझाने का मुंबई पुलिस का दावा

अश्विन अघोर | Updated on: 15 December 2015, 16:55 IST
QUICK PILL
  • आर्टिस्ट हेम उपाध्याय और उनके वकील हरीब भंबानी की हत्या के मामले को मुंबई पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है.
  • हत्या के एक आरोपी को मुंबई जबकि दूसरे आरोपी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया जा चुका है.

मुंबई पुलिस के दावे पर यकीन करें तो उसने आर्टिस्ट हेम उपाध्याय और उनके वकील हरीब भंबानी की हत्या के मामले को सुलझा लिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से मुंबई पुलिस की एक टीम सोमवार दोपहर को वाराणसी से मामले के संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही. आरोपी की पहचान शिवकुमार राजभर उर्फ साधु के तौर पर की गई है.

पुलिस वाराणसी के बड़ागांव पुलिस थाने में साधु से पूछताछ कर रही है और उसे जल्द ही मुंबई लाया जाएगा. पुलिस इससे पहले एक अन्य संदिग्ध गोटू को मुंबई में गिरफ्तार कर चुकी है.

सूत्रों के मुताबिक गोटू का चारकोप में एक गोदाम है जहां हेमा अपनी पेंटिंग रखा करती थीं. साधु गोटू के यहां काम करता था.

कैसे पहुंची पुलिस

हेमा और हरीश की क्षत-विक्षत लाश कार्डबोर्ड के बक्से में बंद मिली थी. इसके बाद पुलिस ने इन दोनों पर उनके मोबाइल फोन की निगरानी की मदद से नजर रखी. हत्या के वक्त दोनों के मोबाइल का लोकेशन चारकोप और कांदिवली में था.

दोनों शुक्रवार की शाम करीब 6.30 बजे लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट गए जहां हेमा का स्टूडियो था. पुलिस के एक सूत्र ने बताया, 'लोकेशन गोटू के गोदाम के बीच था जहां नाले में उनकी लाश मिली थी. हमने पाया कि  दोनों मृतकों का फोन करीब एक साथ शाम 8.30 पर बंद कर दिया गया.'

अगले दिन एक ऑटो चालक ने पुलिस को बताया कि वह गोटू और साधु को नाले तक ले गया. उनके पास एक बॉक्स था. जब उसने उस बक्से के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि 'इसमें कुछ बेकार का समान है जिसे वह नाले में डालने ले जा रहे हैं.'

हेमा पर गोदाम के मालिक गोटू का पांच लाख रुपये का किराया बकाया था जिसकी वजह से दोनों में विवाद हुआ

तब ट्रक के चालक ने ज्यादा कुछ नहीं सोचा. लेकिन जब उसने अगले दिन समाचार पत्र में मुंबई में दोहरे हत्याकांड के बारे में सुना तब उसे संदेह हुआ और फिर उसने पुलिस को जानकारी दी.

पुलिस ने गोटू को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया और उनके दावे के मुताबिक गोटू ने पूछताछ में अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है. उसने यह भी बताया है कि साधु इस हत्या के तुरंत बाद वाराणसी चला गया था.

उत्तर प्रदेश पुलिस में स्पेशल टास्क फोर्स के एसपी अमित पाठक बताते हैं, 'साधु ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली लेकिन उसने अभी तक पूरी जानकारी नहीं दी है.' उन्होंने कहा, 'हमें 12 सिम कार्ड के साथ कई एटीएम कार्ड्स भी मिले हैं. इसके अलावा मारे गए दोनों लोगों के कुछ अन्य दस्तावेज भी मिले हैं. हमने उसे मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.'

क्या थी मंशा?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हेमा ने गोटू के गोदाम को किराए पर ले रखा था जहां वह अपनी पेटिंग रखा करती थीं. हेमा पर किराए का पांच लाख रुपया बकाया था. गोटू पिछले दो महीने से किराए की मांग कर रहा था लेकिन हेमा ने उधार चुकता नहीं किया. इस कारण विवाद बढ़ा.'

कैसे दिया अंजाम

12 दिसंबर की शाम को एक कचरा बीनने वाले को वाडी नाले के पास कार्डबोर्ड का एक बक्सा मिला. उसमें एक पुरुष और महिला की क्षत-विक्षत लाश थी. इसके बाद घबराए कचरा वाले ने पुलिस को फोन किया.

इसी सुबह हरीश की बेटी ने माटुंगा पुलिस थाने में उनके गायब होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि उनके पिता अंधेरी में अपने कुछ क्लाइंट से मिलने गए थे लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं आए. हेमा की मदद से हेमंत मंडल ने उनके गायब होने की खबर सांताक्रूज पुलिस स्टेशन को दी. पुलिस ने रविवार की सुबह शिकायत करने वालों को से बॉक्स में मिली लाश की शिनाख्त करवाई.

First published: 15 December 2015, 16:55 IST
 
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