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नेशनल म्यूजियम की घटना सभी इमारतों के लिए खतरे की घंटी: जयराम रमेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2016, 10:49 IST
QUICK PILL
  • फिक्की ऑडिटोरियम के पास नेशनल म्यूजियम ऑफ नैचुरल हिस्ट्री की इमारत भीषण आग में जलकर खाक हो गई. म्यूजियम में लगी आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की करीब 40 गाड़ियों को मौके पर लगाना पड़ा.
  • घटना के बाद देश के सभी 34 म्यूजियम के फायर सेफ्टी जांच के आदेश दिए गए हैं. आगजनी में वहां रखे सभी दस्तावेज पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. 
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार सभी इमारतों की सुरक्षा को लेकर नींद से जागेगी.

फिक्की ऑडिटोरियम के पास नेशनल म्यूजियम ऑफ नैचुरल हिस्ट्री की इमारत भीषण आग में जलकर खाक हो गई. म्यूजियम में लगी आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की करीब 40 गाड़ियों को मौके पर लगाना पड़ा.

कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है. हालांकि इस बीच दमकलकर्मी समेत करीब 6 लोगों के झुलसने की खबर है. 

सभी घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी घायल कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है.

गर्मी की शुरुआत के बाद दिल्ली के वीवीआईपी इलाके लुटियन जोन में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी है. इसमें कई मंत्रालय भी शामिल है. कुछ महीने पहले शास्त्री भवन में स्थित खेल मंत्रालय के भवन में आग लग गई थी. बताया गया कि इसमें कॉमनवेल्थ घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज जलकरर खाक हो गए थे.

नेशनल म्यूजियम में आग लगने की जानकारी मिलते ही पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आनन फानन में घटनास्थल का जायजा लिया. जावड़ेकर ने कहा, 'नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम राष्ट्रीय धरोहर है. आग की वजह से हुए नुकसान को पैसे में नहीं तौला जा सकता.'

अधिकारियों के मुताबिक इमारत में लगी आग की वजह वहां मौजूदा फायर सिस्टम का काम नहीं करना था

जावड़ेकर ने कहा, 'आग बुझाए जाने के बाद ही म्यूजियम को हुए नुकसान का अंदाजा लग पाएगा. नुकसान का आकलन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.'

मंत्री ने कहा कि इस घटना के बाद देश के सभी 34 म्यूजियम के फायर सेफ्टी जांच के आदेश दिए गए हैं. आगजनी से म्यूजियम को भारी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि वहां रखे सभी दस्तावेज पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. 

अधिकारियों के मुताबिक इमारत में लगी आग की वजह वहां मौजूदा फायर सिस्टम का काम नहीं करना था. फायर सिस्टम के बेकार पड़े होने की वजह से इमारत को ज्यादा नुकसान हुआ. दमकल अधिकारी राजेश पनवर ने कहा, 'इमारत के फायर सेफ्टी सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं. हालांकि इसके बावजूद आग पर हमने 2 घंटे में काबू पा लिया.'

नींद में सरकार

म्यूजियम को हुए नुकसान को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार सभी इमारतों की सुरक्षा को लेकर नींद से जागेगी.

रमेश ने कहा, 'मैं इस हादसे को लेकर बेहद दुखी और गुस्से में हूं. हमारी सभी इमारतें आग के लिहाज से सुरक्षित नहीं है. मैं उम्मीद करता हूं कि इस घटना के बाद सरकार सभी इमारतों की सुरक्षा को लेकर जगेगी.' 

कई रिपोर्ट में राजधानी में मौजूद इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं होने का जिक्र किया जा चुका है

रमेश ने कहा, 'जब मैं पर्यावरण मंत्री था तब मैं यहां अक्सर आया करता था. वास्तव में मैंने इसके लिए चिड़ियाघर के बगल में जमीन दिलाई. प्रगति मैदान और चिड़ियाघर के बीच करीब 6 एकड़ की जमीन मैंने म्यूजियम को दिलाई. यह जगह म्यूजिमय के लिए सही नहीं है. लेकिन कुछ कारणों से म्यूजियम को यहां से हटाया नहीं जा सका. बाद में मैंने म्यूजियम के लिए नोएडा और बोटैनिकल गार्डेन के पास जमीन देने का प्रस्ताव रखा. इस म्यूजियम को और अधिक जमीन की जरूरत है. यहां पर जगह की काफी कमी है.'

इससे पहले भी कई रिपोर्ट में राजधानी में मौजूद इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं होने का जिक्र किया जा चुका है. हालांकि इसके बावजूद अभी तक इमारतों को आग से बचाने के लिए ठोस और पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा सका है.

केंद्रीय दिल्ली स्थिति ज्यादातर इमारतें आग की दृष्टि से असुरक्षित हैं. बीते दो महीने के भीतर संसद भवन की इमारत में भी दो बार आगजनी की घटना हो चुकी है. गौरतलब है कि देश की राजसत्ता के केंद्र लुटियन जोन का अपना मास्टर प्लान हैं. इसकी ज्यादातर इमारतें सन 1911 या उसके पहले की बनी हुई हैं. ज्यादातर भवनों के फायर सेफ्टी उपकरण या तो बेहद पुराने हैं या फिर वे काम नही करते.

First published: 27 April 2016, 10:49 IST
 
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