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ASI का वह मुस्लिम आर्कियोलॉजिस्ट जो इस दावे पर अड़ा रहा कि यहां राममंदिर था

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2019, 13:26 IST

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक दशकों पुराने विवाद को सुलझाते हए यह फैसला दिया कि विवादित जमीन हिन्दू पक्ष रामजन्म भूमि न्यास को दिया जाये. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुन्नी बक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन दी जाये. इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) की रिपोर्ट ने महत्वपूर्व भूमिका निभाई.

सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संदेह से परे है और इसके अध्ययन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. फैसला पढ़ते हुए सीजेआई ने कहा कि बाबरी मस्जिद को मीर तकी ने बनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर कोई इस्लामिक ढांचा नहीं था, यह बात आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया ने कही है.

बीबी लाल की अगुवाई में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की विवादित भूमि का पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया गया था, इस टीम में केके मुहम्मद भी शामिल थे. केके मोहम्मद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से इतिहास की पढाई कर चुके हैं. वे इस सर्वेक्षण में बतौर छात्र शामिल हुए थे.

एक लेख में केके मोहम्मद ने कहा ''अयोध्या के उत्खनन के समय मैं समूह का हिस्सा था और हमें वहाँ मंदिर के अवशेष मिले. केके मुहम्मद को 2019 जनवरी में पद्म श्री से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उन्होंने कहा हिंदू शिव और विष्णु के मंदिरों का पता लगाया है. केके मोहम्मद ने शनिवार को लंबे समय से प्रतीक्षित अयोध्या विवाद मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को सबसे सही निर्णय बताया और सभी को आदेश का पालन करने की अपील की.

 

केके मोहम्मद ने ही सबसे पहले यह दावा किया था कि विवादित स्थल पर हुए पुरातात्विक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ था कि वहां से प्राचीन मंदिरों' के अवशेष मिले थे. हालांकि बीबी लाल की रिपोर्ट में भी यही बात कही गई थी लेकिन केके मुहम्मद का बयान इसलिए भी सुर्ख़ियों में रहा क्योंकि वह मुसलमान थे और उस पर उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इतिहास पढ़ा था.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केके मुहम्मद ने यह भी दावा किया था कि विवादित जगह जो गुंबदनुमा ढांचे हैं वो किसी इस्लामिक निर्माण के नहीं हैं बल्कि उनमें मूर्तियां हैं जिनका इस्लामिक इबादतगाह में होने का सवाल ही नहीं उठता. वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) थे और 2013 से 2016 तक आगा खान ट्रस्ट में संस्कृति में परियोजना पुरातत्व निदेशक के रूप में भी काम किया. उन्हें 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा भारत के नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया.

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First published: 9 November 2019, 13:07 IST
 
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