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योगी सरकार पर भड़के ओवैसी, बोले- भाजपा कानून के बजाय धर्म के आधार पर कर रही है शासन

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2018, 15:06 IST

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपियों पर से मुकदमे हटवाने का आरोप लग रहा है. इसे लेकर AIMIM पार्टी के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर हमला बोला है. ओवैसी ने योगी सरकार पर धर्म के आधार पर शासन करने का आरोप लगाया है.

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि वे संविधान और आईपीसी का मजाक बना रहे हैं. सरकार को उन पर कार्रवाई करना चाहिए क्योंकि उनकी वजह से 50,000 लोगों को अपना घर छोड़ा पड़ा था. ओवैसी ने कहा कि भाजपा सरकार धर्म के आधार पर शासन कर रही है, कानून के आधार पर नहीं.

गौरतलब है कि साल 2013 में यूपी के मुजफ्फरनगर और शामली में व्यापक दंगे हुए थे इन दंगों में 62 लोग मारे गए थे वहीं हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा था. दंगों के बाद 1455 लोगों के खिलाफ 503 केस दर्ज हुए थे. इसमें कई पार्टियों के लोगों का नाम था. खबर आई थी कि यूपी की योगी सरकार इसमें से 131 मुकदमे वापस करने जा रही है. इन मुकदमों में हत्या के 13 और हत्या के प्रयास के 11 मामले दर्ज हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, योगी सरकार जिन मुकदमों को वापस करने जा रही है उनमें से ज्यादातर जघन्य अपराध से जुड़े हैं. इसमें कम से कम सात साल की सजा होती. एक्सप्रेस के मुताबिक 16 मुकदमे सेक्शन 153 ए यानी धार्मिक आधार पर दुश्मनी फैलाने के आरोप तथा दो मुकदमे सेक्शन 295 के दर्ज हैं, यानीी किसी धर्म विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भाषण देने का आरोप है. 

दरअसल, 5 फरवरी को भाजपा सांसद संजीव बालियान और विधायक उमेश मलिक के नेतृत्व में खाप पंचायतों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें 179 केस का लिस्ट सौंपकर मुकदमों को वापस कराने की मांग की थी. इसके बाद योगी सरकार ने मुकदमों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की है.

भाजपा सांसद संजीव बालियान का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को सूची सौंपी थी, जिसमें सभी हिंदू थे. बालियान ने कहा कि 850 आरोपी हिंदुओं पर दर्ज 179 केस वापस लेने के लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था. ये केस मुजफ्फरनगर और शामली में दर्ज थे. जिसमें हत्या के प्रयास और आगजनी से जुड़े आरोप थे.
 

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इसके अलावा भाजपा विधायक उमेश मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री को सौंपी सूची में हत्या के केस भी शामिल थे. मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून विभाग से कार्रवाई का आश्वासन दिया था. पांच जनवरी को शासन ने विधायक मलिक के खिलाफ नौ मुकदमे वापस लेने के सिलसिले में मुजफ्फरनगर प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी. इसमें दो मुकदमे दंगा भड़काने के थे.

First published: 22 March 2018, 15:06 IST
 
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